Iran War News: ईरान और इजराइल के बीच हो रही लड़ाई के लिए लगभग एक हफ्ता हो चुका है। इजराइल ईरान पर हमले पर हमले किए जा रहा है। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकाने बमबारी करके तबाह कर दिए हैं। ईरान के इस हमले में बड़े सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं। उसका काफी नुकसान हो चुका है। इजराइल ने ईरान को काफी गहरी चोट दी है। इस सबके बावजूद एक सवाल हर किसी के जहन में ठहर जाता है।कि ईरान की ऐसी बर्बादी और दुर्दशा के मौके पर उसका मित्र देश रूस उसकी मदद क्यों नही कर रहा है। आखिर रूस के पास क्या है मजबूरी जो सिर्फ बयान पर बयान दे रहा है। किन्तु मदद के लिए सामने नही आ रहा है।
रूस क्यों नही कर रहा इजरायल के आर्मी एक्शन की निंदा
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की सत्ता रूस के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। ईरान की बर्बादी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इज्जत पर एक बदनुमा दाग भी लगा देगी। ईरान रूस का अहम आर्थिक और सैन्य साझेदार है।रूस ने ईरान में अरबों डॉलर का निवेश कर रखा है। फिर भी पुतिन इजरायल के आर्मी एक्शन की निंदा नही कर रहे हैं । सह एक चौंकाने वाली बात है।
जंग मे रूस की सामने न आने की क्या है वजह
आपको मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बता दें रूस अभी तीन साल से यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में बुरी तरह फंसा हुआ है। रूस को पश्चिम देशों से कड़ा आर्थिक और कूटनीतिक दबाव झेलना पड़ रहा है। ऐसे में अगर रूस ईरान साथ खुलकर सामने आ जाता है तो रूस को इसका बहुत बुरा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अगर सीधे शब्दों में कहें तो यह पश्चिमी देशों को और नाराज करने जैसा होगा। रूस को लगता है कि इससे सैन्य टकराव और बढ़ेगा।रूस नहीं चाहता कि उसके खिलाफ एक और समस्या खड़ी हो जाए। रूस अनुमान लगा रहा है कि अगर ईरान युद्ध को लंबा खींच रहा है। तो यूक्रेन को मदद दे रहे अमेरिका और यूरोपीय देशों का पूरा फोकस इजरायल-ईरान जंग की तरफ हो जाएगा। ऐसे मे वह सब यूक्रेन को मदद नहीं दे पाएंगे और यूक्रेन कमजोर पड़ जाएगा इससे रूस यूक्रेन पर बढ़त बढ़ी लेगा।अगर कुछ हफ्ते भी ऐसा हुआ तो पुतिन यूक्रेन में अपना संकल्प पूरा कर पाएंगे। ईरान और इजरायल के तनाव से तेल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे रूस को फायदा मिलेगा ।