Iran War : ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केशम द्वीप को निशाना बनाया है। इस हमले की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव हो रहे हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिशों का दावा कर रहा था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने केशम द्वीप पर हमले की पुष्टि की है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों में और तल्खी आने की आशंका है।
केशम द्वीप पर क्यों किया गया हमला?
ईरान का केशम द्वीप रणनीतिक और सैन्य दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। यह द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। रिपोर्टों के मुताबिक, यहां ईरान के सैन्य ठिकानों, रडार सिस्टम और मिसाइल क्षमताओं से जुड़े महत्वपूर्ण संसाधन मौजूद हैं। अमेरिकी हमलों का मकसद समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को संभावित ईरानी हमलों से सुरक्षित रखना बताया जा रहा है। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी द्वीप के आसपास कई विस्फोटों की खबर दी थी।
गुप्त सैन्य कार्रवाई से बढ़ा तनाव
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की ओर से केशम द्वीप पर की गई कार्रवाई हाल के हफ्तों में चल रहे सीमित सैन्य हमलों की कड़ी का हिस्सा है। इन अभियानों को बड़े सैन्य अभियान की तरह सार्वजनिक नहीं किया गया, ताकि वाशिंगटन की ओर से युद्ध को दोबारा बड़े स्तर पर शुरू करने का संकेत न जाए। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई खबर में कहा गया है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनसे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को खतरा हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से इस ताजा हमले पर तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
मिडटर्म चुनाव के बीच ट्रंप की मुश्किलें
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। ईरान के साथ युद्ध, बढ़ती ऊर्जा कीमतें और सैन्य अभियान पर होने वाला भारी खर्च अमेरिकी राजनीति में बड़े मुद्दे बने हुए हैं। ट्रंप ने इससे पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर के चुनाव से पहले ईरान पर नया हमला नहीं करेगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत का भी दावा किया था। ऐसे में चुनाव के दिन केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर सामने आना वाशिंगटन की रणनीति और उसके राजनीतिक संदेश को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है। Iran War :
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पहले हुआ युद्धविराम समझौता अगस्त में समाप्त हो चुका था और उसके बाद भी सीमित सैन्य कार्रवाइयां जारी रही हैं। अब केशम द्वीप पर ताजा हमले की खबर ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।