ईरान ने दावा किया है कि हालिया अमेरिकी हमलों के कारण दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित बुशहर हवाई अड्डा 'आउट ऑफ ऑर्डर' है यानी पूरी तरह से काम करने की स्थिति में नहीं है और इसे दोबारा चालू करने के लिए व्यापक पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी।
फिर से तैयार करने की जरूरत
ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमलों के बाद बुशहर हवाई अड्डे को जमीन से लेकर पूरी तरह फिर से तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मिसाइल हमले में एक नवीनीकृत विमान भी नष्ट हो गया, जिसे लोगों की सेवा के लिए खरीदा गया था।
मिसाइल की चपेट में आ गया
मोहाजेरानी के अनुसार, "हमने एक ऐसे विमान के अवशेष देखे, जिसे लोगों की सेवा के लिए खरीदा और फिर से तैयार किया गया था, लेकिन वह सीधे मिसाइल की चपेट में आ गया। अब उसका केवल पिछला छोटा हिस्सा ही बचा है।"
नुकसान को लेकर चिंता जताई
उन्होंने यह भी दावा किया कि बुशेहर मौसम विज्ञान केंद्र, जो पूरी तरह से नागरिक संस्थान है, हमले के बाद लगभग पूरी तरह नष्ट हो गया है। ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों से नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान को लेकर चिंता जताई है।
कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया
जुलाई में संघर्ष विराम के दौरान ही बुशहर पर अमेरिका की ओर से दो हमले हुए थे। यूएस सेंटकॉम ने 9 जुलाई को हमलों का वीडियो जारी करते हुए कहा था कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में बेकसूर चालक दल वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने के खिलाफ शुरू किया गया।
सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया
बयान के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना था। दावा किया गया कि इन हमलों में वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन रखने वाली जगहों समेत अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा
परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी यहीं मौजूद है। जिसे लेकर अधिकारियों ने बताया था कि परमाणु रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी इस हमले की पुष्टि की थी। पहले 17 मार्च को भी इसी तरह का एक मिसाइल हमला हुआ था। इसमें किसी तरह का कोई नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी। पिछली घटना में रिएक्टर से लगभग 350 मीटर दूर स्थित एक संरचना कथित तौर पर नष्ट हो गई थी।