मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव के माहौल में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi भारत पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा कूटनीतिक नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार अराघची आज प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री S. Jaishankar से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा होगी।
भारत-ईरान रिश्तों पर होगी खास चर्चा
ईरान और भारत के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऐसे में अराघची की यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक व्यापार, तेल आयात और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर बातचीत हो सकती है। खासतौर पर चाबहार पोर्ट और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
मध्य पूर्व के हालात पर दुनिया की नजर
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में क्षेत्र की स्थिति किस दिशा में जाएगी। भारत भी इस मामले में संतुलित कूटनीतिक रुख बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत दोनों पक्षों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखने की कोशिश करेगा।
ऊर्जा सुरक्षा भी अहम मुद्दा
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए लंबे समय तक ईरान से तेल आयात करता रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इसमें बदलाव देखने को मिला। अब अराघची की यात्रा के दौरान ऊर्जा सहयोग को लेकर भी अहम चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि दोनों देश आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर देंगे।
कूटनीतिक नजरिए से अहम मानी जा रही यात्रा
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईरानी विदेश मंत्री की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और एस जयशंकर के साथ होने वाली बैठक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है, क्योंकि इसके परिणाम क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीति पर असर डाल सकते हैं।