
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबो धित करते हुए कहा कि आक्रमणकारियों के आगे कभी नहीं झुकेंगे। उन्होंने इजरायल-यूएस के आक्रमण का जिक्र किया। शांति प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, यहूदी शासन और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के शहरों, घरों और बुनियादी ढांचों पर हवाई हमले किए। उस समय हम कूटनीतिक वार्ता के रास्ते पर चल रहे थे। यह कदम एक गंभीर विश्वासघात है और स्थिरता एवं शांति के प्रयासों को विफल करने वाला है।
पेजेशकियान ने इजरायल-यूएस के हमलों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि आक्रामकता के इस बेशर्म कृत्य ने उनके देश के कई कमांडरों, नागरिकों, बच्चों, महिलाओं, वैज्ञानिकों मार डाला। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय विश्वास और क्षेत्र में शांति की उम्मीदों गहरा आघात हुआ। हमें अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के ऐसे खतरनाक उल्लंघन को यूं ही जाने देना चाहिए। उनका सामना नहीं करना चाहिए?
इजरायल पर गाजा पट्टी में नरसंहार का आरोप
उन्होंने इजरायल पर गाजा पट्टी में नरसंहार का आरोप लगाया। ईरानी राष्ट्रपति ने परमाणु हथियार से दूर रहने की बात की। उन्हेांने कहा, हम परमाणु हथियार नहीं चाहते यह हमारा विश्वास है। सर्वोच्च नेता और धार्मिक गुरुओं की ओर से जारी किए आदेश में आधारित है। उन्होंने यहूदी शासन की मंशा को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा, बड़ी बेबाकी और हास्यास्पद तरीके से ग्रेटर इजरायल बनाने की बात कही जाती है।