Iran Israel War: ईरान के शिया धर्मगुरु ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू के खिलाफ फतवा जारी किया है। धर्मगुरु ने कहा कि ये दोनों नेता अल्लाह के दुश्मन हैं। उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों से एकजुट होकर दोनों नेताओं का तख्ता पलटने की गुजारिश की है। यह फतवा ईरान को मिली धमकियों के जवाब में आया है।आपको बता दें ईरान का इजरायल के साथ 12 दिन तक संघर्ष चला इसमे ईरान को काफी कुछ गंवाना पड़ा। बाद में अमेरिका ने दोनों देशों के बीच में सीजफायर करा दिया।
ईरानी धर्मगुरु ने क्यों किया फतवा जारी
आपको बता दें मीडिया रिपोर्ट्स को मिली खबर मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, धर्म गुरु ने फतवे में कहा, "कोई भी व्यक्ति या शासन जो नेता या मरजा को धमकी देता है, उसे 'वॉरलॉर्ड' या 'मोहरेब' माना जाएगा। ईरानी कानून के तहत 'मोहारेह' को मौत की सजा, सूली, अंग-भंग या देश निकाल देने जैसी सजा दी जा सकती है।
फतवा में ईरानी धर्म गुरु ने क्या कुछ कहा
फतवे में कहा गया है कि पूरी दुनियां के मुसलमान एकजुट हों और इन खुदा के 'दुश्मनों' को उनके बयानों और गलतियों का सबक सिखाना हर मुसलमान का फर्ज है। जो भी मुस्लिम देश या शख्स इन दुश्मनों का साथ देगा उसके लिए वह हराम है। फतवे के मुताबिक, अगर किसी मुसलमान को दिकत्त का सामना होता है। तो उसे 'खुदा की राह में लड़ने वाले' की तरह जन्नत में इनाम मिलेगा। यह फतवा इजरायल और ईरान के बीच 12 दिन तक चले संघर्ष और सीजफायर के बाद आया है। इस जंग में इज़रायल ने ईरान में बमबारी की, जिसमें ईरान के बड़े सैन्य कमांडर और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े साइंटिस्ट मारे गए। जवाब में, ईरान ने इजरायली शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।