ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर फीस वसूलने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। ईरानी संसद की एक समिति ने ऐसे प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसके तहत जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण, ईंधन, बीमा और अन्य सेवाओं के बदले शुल्क लिया जा सकता है। इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।
सुरक्षा और दूसरी सेवाओं के नाम पर शुल्क
ईरान के प्रस्ताव में सीधे तौर पर केवल गुजरने का टैक्स लगाने की बात नहीं कही गई है। इसके बजाय समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, विशेष परिस्थितियों में ईंधन उपलब्ध कराने, बीमा और अन्य सेवाओं के लिए शुल्क लेने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि संसदीय समिति की मंजूरी के बाद भी यह व्यवस्था अभी कानून नहीं बनी है। प्रस्ताव को संसद और फिर गार्जियन काउंसिल की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
पहले से लागू है ‘टोल बूथ’ जैसा सिस्टम
हालांकि कानूनी तौर पर व्यवस्था अभी पूरी तरह अंतिम नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर पहले से ही कड़ा नियंत्रण स्थापित किया हुआ है। कई जहाजों को दस्तावेज जमा करने, मंजूरी लेने और निर्धारित मार्ग से गुजरने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कुछ मामलों में फीस भुगतान की खबरें भी सामने आई हैं। शिपिंग उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों में चीनी युआन और डिजिटल परिसंपत्तियों के जरिए भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
डॉलर से दूरी बढ़ाने की कोशिश?
भुगतान के तरीकों को लेकर यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों और डॉलर आधारित वित्तीय व्यवस्था से बाहर निकलने के विकल्प तलाश रहा है। कुछ रिपोर्टों में युआन और क्रिप्टोकरेंसी जैसे माध्यमों के इस्तेमाल का उल्लेख हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भी चेतावनी दी है कि ईरान को होर्मुज से सुरक्षित गुजरने के बदले किसी भी तरह का भुगतान करने पर प्रतिबंधों का जोखिम हो सकता है।
दुनिया के तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और एलएनजी का परिवहन होता है। यदि जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क, लंबी मंजूरी प्रक्रिया या दूसरे प्रतिबंध लागू होते हैं तो शिपिंग लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर तेल की कीमतों, बीमा प्रीमियम और दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।
ट्रांजिट नियमों का उल्लंघन
ईरान का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और तेहरान के बीच तनाव पहले से चरम पर है। 24 अगस्त को ईरान ने 45 टैंकरों को कथित रूप से अपने ट्रांजिट नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी। ऐसे में होर्मुज में फीस और नियंत्रण की व्यवस्था केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति प्रदर्शन का भी हिस्सा मानी जा रही है।