इराक में मंगलवार को 329 संसदीय सीटों को लेकर वोटिंग के लिए मतदान प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हो गई। इराकी निर्वाचन आयोग (इंडिपेंडेंट हाई इलेक्टोरल कमीशन यानि आईएचईसी) की निगरानी में चुनाव हो रहे हैं। आईएचईसी के अनुसार, देश में 8,703 निर्वाचन केंद्रों पर स्थानीय समयानुसार सुबह 7:00 बजे (0400 जीएमटी) से शाम 6:00 बजे (1500 जीएमटी) तक 2 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे।
राजनीतिक गतिरोध बना रहा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा कारणों से लगाए कुछ प्रतिबंधों के बीच मतदान जारी है। 2021 में इराक में हुए पिछले संसदीय चुनावों के दौरान राजधानी बगदाद में हिंसक झड़पें हुई थीं और सरकार बनने से पहले लगभग एक साल तक राजनीतिक गतिरोध बना रहा था। मंगलवार को हो रही वोटिंग 2003 में अमेरिका के नेतृत्व वाले हमले के बाद इराक में हुए छठे संसदीय चुनाव हैं।
बता दें, इस चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी और वर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के नेतृत्व वाला गठबंधन और मोहम्मद अल-हलबौसी के नेतृत्व में मुख्य सुन्नी राजनीतिक दल तकद्दुम (प्रोग्रेस) पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला है।
20 सालों के लिए इराक का भविष्य
शुक्रवार को सरकारी टेलीविजन पर अपने संबोधन में इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इराकियों से वोट में हिस्सा लेने की अपील की और इसे 2003 के बाद का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव बताया। उन्होंने कहा कि यह अगले 20 सालों के लिए इराक का भविष्य तय करेगा।
स्थानीय पर्यवेक्षक भी मौजूद
आईएचईसी के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र ने मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 37 पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। इसके अलावा, 55 अरब और विदेशी मीडिया आउटलेट—जिनमें टेलीविजन नेटवर्क, अखबार और न्यूज एजेंसियां शामिल हैं-वोट को कवर कर रहे हैं, साथ ही दस लाख से ज्यादा स्थानीय पर्यवेक्षक भी मौजूद हैं।