भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले 1 साल में और ज्यादा बिगड़ चुके हैं। राजनीतिक और सैन्य तनाव का असर अब क्रिकेट मैदान पर साफ दिख रहा है। पहले दोनों देशों की टीमें एक दूसरे के यहां खेलने नहीं जाती थीं, लेकिन अब मैदान पर हाथ मिलाने तक पर विवाद होने लगा है। ऐसे माहौल में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं बल्कि भावनाओं और राष्ट्रवाद से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
जेद्दाह में भारत पाकिस्तान का मुकाबला
सऊदी अरब के जेद्दाह में वर्ल्ड क्रिकेट फेस्टिवल के तहत डबल विकेट टूर्नामेंट खेला गया। इसमें भारत और पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों की टीमें आमने सामने थीं। 22 जनवरी को हुए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 ओवर में 56 रन बनाए। शोएब मलिक और इमरान नजीर ने तेज शुरुआत दी और भारत पर दबाव बनाया।
इरफान की कोशिश हार में बदली
भारत की ओर से कप्तान इरफान पठान और स्टुअर्ट बिन्नी बल्लेबाजी के लिए उतरे। टीम इंडिया 4 ओवर में सिर्फ 51 रन ही बना सकी। खास बात यह रही कि 49 रन अकेले इरफान पठान ने बनाए जबकि बिन्नी खाता भी नहीं खोल सके। इस तरह पाकिस्तान ने यह मुकाबला 5 रन से जीत लिया। लेकिन मैच का नतीजा जल्द ही चर्चा से बाहर हो गया।
मैच के बाद बढ़ा बवाल
मैच खत्म होते ही इरफान पठान और स्टुअर्ट बिन्नी ने शोएब मलिक से हाथ मिलाया और गले भी मिले। इसके बाद दोनों टीमों के बाकी खिलाड़ियों ने भी एक दूसरे से हाथ मिलाया। यह सब सामान्य क्रिकेट परंपरा जैसा था, लेकिन मौजूदा हालात में यही तस्वीरें विवाद की वजह बन गईं। सोशल मीडिया पर इरफान पठान को जमकर निशाना बनाया गया।
इसे भी पढ़ें : उस बंद कमरे की मीटिंग में क्या हुआ, जहां तय हुआ Bangladesh भारत में T20 World Cup नहीं खेलेगा, पढ़ें एक क्लिक में
हाथ न मिलाने की शुरुआत कहां से हुई
पिछले साल पहलगाम में आतंकी हमले और उसके बाद भारत पाकिस्तान सैन्य तनाव के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। इंग्लैंड में हुए एक पुराने खिलाड़ियों के टूर्नामेंट में भारत पाकिस्तान का मैच इसी वजह से रद्द करना पड़ा था। बाद में एशिया कप में भी टीम इंडिया ने टॉस और मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। यही स्थिति महिला वर्ल्ड कप और अन्य टूर्नामेंट में भी रही।
खेल भावना या राजनीतिक दबाव
अब सवाल उठ रहा है कि क्या क्रिकेट में खेल भावना बची रहनी चाहिए या फिर राजनीतिक हालात ही सब कुछ तय करेंगे। इरफान पठान और बिन्नी का गले मिलना कुछ लोगों को गलत लगा तो कुछ ने इसे खेल की आत्मा बताया। साफ है कि भारत पाकिस्तान क्रिकेट में अब हर छोटा कदम भी बड़ा विवाद बनता जा रहा है।