ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने रविवार को घोषणा की कि उसके बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना से संबंधित एक और "एडवांस्ड स्मार्ट" मानवरहित पनडुब्बी को जब्त कर लिया है। आईआरजीसी की नौसेना ने अपने आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जासूसी गतिविधियों में लगी एक मानवरहित पानी के भीतर चलने वाले वाहन (एयूवी) को जब्त कर लिया है।
इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक
यह कार्रवाई खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक की मदद से चलाए गए एक समन्वित और जटिल अभियान के तहत की गई। आईआरजीसी ने बताया कि पकड़ी गई एयूवी रेमस 600 मॉडल की है। इसे डेटा निकालने और जांच के लिए विशेषज्ञों को सौंप दिया गया है।
सख्त कार्रवाई की
नौसेना ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक संवेदनशील समुद्री क्षेत्र है और वहां किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत मार्ग से होने वाली आवाजाही के खिलाफ लगातार और सख्त कार्रवाई की जाएगी।समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और नियंत्रण अभियान जारी रहेंगे।
अत्याधुनिक मानवरहित पनडुब्बी
इस महीने की शुरुआत में आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर अमेरिकी सेना की एक अत्याधुनिक मानवरहित पनडुब्बी को पकड़ लिया है। सेपाह न्यूज के अनुसार, इस पनडुब्बी की पहचान "डाइव-एलडी" के रूप में की गई थी। ईरान ने 28 फरवरी को अपने क्षेत्र पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और कड़ा कर दिया था। इसके तहत इजरायल और अमेरिका से जुड़े या उनके सहयोगी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।
युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ
इस बीच, ईरानी सेना के प्रमुख कमांडर अमीर हातमी ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपा गया युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल जरूरत पड़ने पर दुश्मनों को और भी कड़े जवाब देने के लिए तैयार हैं।
दुश्मन को भारी नुकसान
तेहरान में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में हातमी ने कहा, "युद्ध खत्म नहीं हुआ है। आक्रामक दुश्मन को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उसे ईरानी सशस्त्र बलों की ओर से और भी करारे प्रहार झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।"उन्होंने क्षेत्र के देशों से भी अपील की कि वे समझें कि अमेरिका के साथ सहयोग उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। हातमी ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी क्षेत्र के देशों को खुद उठानी चाहिए और इसे बाहरी शक्तियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।