ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेनाओं ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संसाधनों पर जवाबी हमले किए हैं। आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार माध्यम सेपा न्यूज के हवाले से कहा कि ये हमले अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ किए गए अपराधों के जवाब में किए गए। आईआरजीसी ने कहा कि उसकी सेनाओं ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद एक बहुत बड़े अमेरिकी एम्युनिशन डिपो पर 'एडवांस्ड और अल्ट्रा-हैवी' कामिकेज ड्रोन से हमला किया और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया।
इमारत को भी नष्ट कर दिया
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने इस बेस पर अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाली जगहों को निशाना बनाया, जिससे कुछ लोग हताहत हुए। आईआरजीसी ने कहा कि उसकी सेनाओं ने इससे पहले बहरीन में एक अमेरिकी कंपनी के डेटा सेंटर के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई को पूरा किया और उसकी बची हुई इमारत को भी नष्ट कर दिया।
उपकरण भंडारों को नष्ट कर दिया
इसके अलावा, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कुवैत के अल-अदिरी कैंप में अमेरिका के तीन हथियार और उपकरण भंडारों को नष्ट कर दिया। उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय की निगरानी टावर को भी निशाना बनाया, जिससे काफी नुकसान हुआ।
घायल होने का दावा किया गया
आईआरजीसी के अनुसार, उसकी एयरोस्पेस सेनाओं ने जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर भारी हमला किया, जिसमें कई अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंचा। उसने कहा कि बेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिकों के बैरकों को निशाना बनाया गया, जिसमें कुछ अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने या घायल होने का दावा किया गया। आईआरजीसी ने बताया कि उसकी सेनाओं ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अचानक कार्रवाई की। उसके अनुसार, इस हमले में एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और एक निगरानी गुब्बारा नष्ट कर दिया गया और अमेरिकी सैनिकों के रहने की जगहों को भी निशाना बनाया गया।
13वीं रात भी सफलतापूर्वक हमले किए
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने गुरुवार रात ईरान के दक्षिण-पूर्वी कहनुज इलाके के ऊपर एक अमेरिकी क्रूज मिसाइल को रोक दिया। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उसकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात भी सफलतापूर्वक हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके बलों ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, ड्रोन रखने वाली जगहों, संचार नेटवर्क, तटीय निगरानी केंद्रों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया। उसके अनुसार, इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले आम नागरिकों के जहाजों और व्यापारिक जहाजों के लिए ईरान से पैदा होने वाले खतरे को कम करना था।