Sedans vs Hatchbacks: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग ऐसे विकल्प चुन रहे हैं, जो आसान, आरामदायक और बजट-फ्रेंडली हो। यही वजह है कि कार बाजार में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ SUVs की मांग तेजी से बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ सेडान गाड़ियों की लोकप्रियता धीरे-धीरे कम हो रही है। लोग नई सेडान खरीदने के बजाय बजट में आने वाले छोटी या पुरानी कारों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
बढ़ती कार की कीमतें
बता दें, आज के समय में नई गाड़ियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। छोटी कारों की कीमत सेडान के मुकाबले कम होती है। ऐसे में रोज ऑफिस आने-जाने के लिए लोग ज्यादा मंहगी कारें खरीदने से बच रहे हैं। बड़ी और महंगी सेडान कारों का सर्विस और मेंटेनेंस का खर्चा भी ज्यादा होता है, जबकि छोटी हैचबेक कारों की देखभाल कम बजट में हो जाती है।
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम
लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों के बीच लोग बेहतर माइलेज वाली गाड़ियां चाहते हैं। बड़ी गाडियां ईंधन की खपत ज्यादा करती हैं, जिससे रोज ऑफिस आने-जाने का सफल महंगा पड़ता है। जिसकी वजह से लोग इन्हें खरीदने से बच रहे हैं।
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पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या
बड़े शहरों की तंग सड़कों और भारी ट्रैफिक में बड़ी सेडान चलाना और मोड़ना मुश्किल होता है। लेकिन छोटी कार का आकार छोटा होने की वजह से यह ट्रैफिक जैसी स्थिती में भी आसानी से निकल जाती है। इसके अलावा शहरों में पार्किंग की जगह कम होने के कारण छोटी कारों को पार्क करना कही ज्यादा आसान होता है।