अगर आपके वैवाहिक जीवन में तनाव है, रिश्ते में मिठास कम हो गई है या रोज झगड़े होते हैं—तो वट सावित्री व्रत पर किया गया एक छोटा सा उपाय आपके जीवन को फिर से खुशहाल बना सकता है। देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया है कि 26 मई को वट सावित्री व्रत के दिन कुछ खास पूजा-विधियों को अपनाकर पति-पत्नी के बीच का तनाव दूर किया जा सकता है।
क्यों खास है वट सावित्री व्रत?
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का अत्यंत पवित्र स्थान है। सुहागिन महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखकर वटवृक्ष की पूजा करती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं । ऐसा माना जाता है कि वटवृक्ष में त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महादेव—का वास होता है। इस दिन की गई पूजा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
विवाह में तनाव? करें यह सरल उपाय
पंडित मुद्गल के अनुसार, जिन महिलाओं के वैवाहिक जीवन में खटपट चल रही हो, उन्हें व्रत वाले दिन वटवृक्ष के नीचे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें, और शुद्ध मन से 108 बार वटवृक्ष की परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत या मौली लपेटें। यह उपाय दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य लाता है।
दीपक जलाएं, मनोकामनाएं पाएं
पूजा पूर्ण होने के बाद वटवृक्ष के नीचे 11 घी के दीपक जलाएं और अपने वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने की प्रार्थना करें। ऐसा माना जाता है कि इससे भगवान शिव और माता पार्वती शीघ्र प्रसन्न होते हैं और रिश्तों में स्थिरता और प्रेम बना रहता है।
रिश्ते में लाएं मिठास, करें सच्चे मन से प्रार्थना
वट सावित्री व्रत न केवल पति की लंबी उम्र के लिए बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का भी एक शक्तिशाली पर्व है। अगर आप चाहती हैं कि आपके जीवन में फिर से प्यार लौटे, तो इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ बताए गए उपाय जरूर करें।
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