Health Tips: रात की नींद हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन अगर आपका पार्टनर जोर-जोर से खर्राटे लेता है तो आपकी नींद ठीक से पूरी नहीं होगी। खर्राटे लेना काफी आम बात है लेकिन यही खर्राटे अगर इतनी तेज हो कि साथ में सोने वाला इंसान डिस्टर्ब को तो यह सही नहीं है। इससे साथ में सोने वाले इंसान की नींद ठीक से पूरी नहीं होती और वह सुबह थकावट और चिड़चिड़ापन महसूस करता है। वहीं दूसरी ओर तेज खर्राटे लेने वाले व्यक्ति में किसी बीमारी के भी लक्ष्ण हो सकते हैं। जिसे हम हंसी मजाक में टाल देते हैं।
आपके पार्टनर के खर्राटे कैसे आप पर डालते हैं असर
अगर आपका पार्टनर हर रात जोर-जोर से खर्राटे लेता है तो इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। क्योंकि आपकी नींद ठीक से पूरी नहीं होती है। या तो आपकी नींद बार-बार टूटती है या आप पूरी रात ही जाग कर गुजार देते हैं। इस सब से आपको थकावट, चिड़चिड़ापन और सुस्ती महसूस हो सकती है। अगर यह परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो नींद की कमी के कारण आपके रोजमर्रा की जिंदगी पर इसक गहरा असर पड़ता है और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए पार्टनर के रात के खर्राटों को छोटी सी परेशानी समझकर इग्नोर न करें।
नींद नहीं हुई पूरी तो दिनभर रहेगी सुस्ती
जब पार्टनर जोर-जोर से खर्राटे लेता है तो आपकी नींद नहीं पूरी होती जिससे आपके शरीर को जरूरी आराम नहीं मिल पाता। ऐसे में सुबह के समय उठने में परेशानी, सिर दर्द और सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस वजह से आपके दिनभर के काम औऱ पढ़ाई मुश्किल हो जाते हैं।
हर खर्राटे का मतलब बीमारी नहीं
खर्राटे लेने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को जरूर कोई बीमारी है। कई बार आम सी परेशानी जैसे सोने की स्थिति, नाक बंद होना या दूसरी आम वजहों से भी खर्राटे आ सकते हैं। लेकिन अगर खर्राटे तेज हैं और लगातार बने रहते हैं जो इसपर ध्यान देने की जरूरत है। खासकर तब जब सोते समय पार्टनर के हांफने या अचानक दम घुटने जैसी आवाज आए। ऐसे में तुंरत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या होती है स्लीप एपनिया की समस्या
कुछ मामलों में तेज खर्राटे लेना ऑबस्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया या OSA का संकेत हैं। इसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट की समस्या होती है औऱ इंसान की बार-बार आंख खुल जाती है। इसकी वजह से कई बार नींद पूरी नहीं होती और दिनभर थकान, सुस्ती और चिड़चिड़ेपन की समस्या बनी रहती है। अगर पार्टनर में ऐसे लक्ष्ण दिखते हैं तो इन्हें नजरअंदाज करने की बजाय सीधे डॉक्टर से सलाह लें।