Ishan Kishan Double Century : दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने यादगार बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जड़ दिया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ खेलते हुए ईशान ने शानदार संयम और आक्रामकता का परिचय दिया। बड़े मुकाबले में उनकी यह पारी टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई और उन्होंने एक बार फिर खुद को बड़े मैचों का खिलाड़ी साबित कर दिया।
270 गेंदों में पूरा किया दोहरा शतक
बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन ने 270 गेंदों का सामना करते हुए अपना दोहरा शतक पूरा किया। इस दौरान उनके बल्ले से 26 चौके और 2 छक्के निकले। शुरुआत से ही वह शानदार लय में नजर आए और साउथ जोन के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने पारी को संभालने के साथ-साथ रनगति भी बनाए रखी।
10 साल बाद दोहराया कमाल
ईशान किशन का यह दोहरा शतक इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने लगभग 10 साल बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले उन्होंने 2016 में अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला दोहरा शतक लगाया था। उस मुकाबले में उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 273 रन की शानदार पारी खेली थी, जिसने उन्हें घरेलू क्रिकेट में नई पहचान दिलाई थी।
करियर का यादगार रिकॉर्ड
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ईशान किशन लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते रहे हैं। दलीप ट्रॉफी फाइनल में लगाया गया यह दोहरा शतक उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में गिना जा रहा है। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि ऐसे मंच पर हासिल की है जहां देश के सर्वश्रेष्ठ घरेलू खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया
ईशान किशन की इस बड़ी पारी ने ईस्ट जोन को मुकाबले में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और साझेदारियों को भी आगे बढ़ाया। उनकी पारी की बदौलत टीम ने विशाल स्कोर की ओर कदम बढ़ाए, जिससे विपक्षी टीम पर दबाव साफ दिखाई दिया।
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चयनकर्ताओं को भी दिया संदेश
दोहरे शतक के साथ ईशान किशन ने भारतीय टीम के चयनकर्ताओं को भी मजबूत संदेश दिया है। हाल के समय में घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे ईशान ने दिखाया है कि उनमें लंबी पारियां खेलने की क्षमता मौजूद है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दोहरा शतक लगाकर उन्होंने अपनी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।