भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में ईशान किशन को खेलने का मौका मिला। पिछले मैच में चोट की वजह से बाहर रहने वाले ईशान ने वापसी करते ही सबको चौंका दिया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने साफ दिखा दिया कि मौका मिले तो वह क्या कर सकते हैं। शुरुआत से ही उनका इरादा आक्रामक खेलने का था और हर गेंद पर उनका आत्मविश्वास नजर आ रहा था। आते ही बदला मैच का माहौल मैदान पर उतरते ही ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। शुरुआती कुछ गेंदों में ही उन्होंने साफ कर दिया कि वह रुकने वाले नहीं हैं।
स्पिनर ईश सोढ़ी को पूरी तरह निशाने पर लिया
धीरे-धीरे रन गति तेज होती गई और कीवी गेंदबाज लाइन और लेंथ भूलते चले गए। ईशान की बल्लेबाजी ने दर्शकों में जोश भर दिया और स्टेडियम का माहौल पूरी तरह बदल गया। 12वां ओवर बना टर्निंग प्वाइंट भारतीय पारी का 12वां ओवर मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इस ओवर में ईशान ने न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी को पूरी तरह निशाने पर लिया। ओवर की शुरुआत वाइड से हुई और इसके बाद लगातार 3 चौके लगाए। चौथी गेंद पर छक्का, पांचवीं पर चौका और आखिरी गेंद पर फिर छक्का जड़कर उन्होंने 6 गेंदों में 29 रन बटोर लिए। इस ओवर के बाद मैच पूरी तरह भारत के पक्ष में झुक गया। शर्मनाक रिकॉर्ड भी बना इस महंगे ओवर के साथ ईश सोढ़ी के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। यह टी20 इंटरनेशनल में न्यूजीलैंड की ओर से फेंका गया दूसरा सबसे महंगा ओवर साबित हुआ। खास बात यह रही कि इससे पहले भी सोढ़ी एक मैच में 29 रन वाला ओवर डाल चुके हैं। लेकिन ईशान यहीं नहीं रुके। अगले ओवर की पहली गेंद पर भी उन्होंने छक्का जड़ दिया और लगातार 7 गेंदों पर 7 बाउंड्री लगाने का कारनामा कर दिखाया।
अर्धशतक से शतक तक पहुंचने में बिल्कुल समय नहीं लगाया
बेहद तेज शतक ईशान ने अर्धशतक से शतक तक पहुंचने में बिल्कुल समय नहीं लगाया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में 100 रन पूरे कर लिए। यानी 50 से 100 रन का सफर उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में तय किया। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबलों में सबसे तेज शतक भी बन गया। शतक के बाद वह अपनी ही गेंद पर आउट हो गए, लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। पारी जिसने भरोसा बढ़ाया ईशान किशन ने 43 गेंदों में 103 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और 6 चौके शामिल रहे। यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक भी था। चोट से वापसी के बाद इस तरह की पारी खेलना आसान नहीं होता, लेकिन ईशान ने साबित कर दिया कि मेहनत रंग लाती है। इस पारी ने न सिर्फ मैच बदला बल्कि टीम इंडिया को आने वाले मुकाबलों के लिए एक मजबूत भरोसा भी दिया।