अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर एयरस्ट्राइक कर अपनी बहादुरी के कसीदे गढ़ रहा पाकिस्तान अब खौफजदा है। इसकी वजह अफगानिस्तान ही है। इस्लामाबाद को डर है कि कहीं काबुल अपना बदला लेने के लिए जवाबी हमला न कर दे। पाकिस्तान के गृह मंत्री तलाल चौधरी ने खुद ये बयान दिया है। उन्होंने इस मुकाबले से लड़ने के लिए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने का दम भी भरा है।
रिहायशी इलाकों पर एयरस्ट्राइक की थी
चौधरी ने बताया, किसी भी हमले से निपटने के लिए हमारी सेना हाई-अलर्ट पर है। आप जानते हैं कि जब भी हम अफगानिस्तान के मिलिटेंट ठिकानों पर हमला करते हैं, तो वो हमेशा जवाबी हमला करते हैं। पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों पर एयरस्ट्राइक की थी। काबुल ने कहा था कि इस हमले में कई आम नागरिकों की जान गई है, तो पाकिस्तान ने कहा कि उनके निशाने पर अफगानिस्तान के आतंकी समूह थे, जिन्हें वह पाक के अंदर हाल ही में हुए कई आत्मघाती हमलों का जिम्मेदार मानता है।
मिलिटेंसी पाकिस्तान की अंदरूनी समस्या
इस्लामाबाद का आरोप है कि काबुल ने लड़ाकों को अफगानिस्तान को एक सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत दे रखी है। हालांकि तालिबान ने इन आरोपों से इनकार करते हुए हमेशा कहा है कि मिलिटेंसी पाकिस्तान की अंदरूनी समस्या है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी और अफगान सेनाओं के बीच मंगलवार को सीमा पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर झड़प शुरू करने का आरोप लगाया था।
एक अधिकारी समेत 5 पुलिसकर्मी मारे गए
चौधरी के डर की वजह पिछले कुछ दिनों में हुए ताबड़तोड़ हमले हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। हाल ही में कोहाट में पुलिस गाड़ी को निशाना बनाया गया, जिसमें एक अधिकारी समेत 5 पुलिसकर्मी मारे गए और दो आम नागरिक भी हताहत हुए। मंगलवार को ही एक चेकपॉइंट पर सुसाइड बम धमाका हुआ, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए।