सीरिया पर इजराइल के हमले से पूरी दुनिया चकित है. इस बार उसने दो समुदाय की लड़ाई में हाथ डाला है. उसका कहना है कि तनाव को कम करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था. इस हमले के बाद से मिडिल ईस्ट से लेकर यूरोप तक हड़कंप मच गया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रुबियो के अनुसार, 'हम तनाव को कम करने के लिए काम कर रहे हैं'. वहीं इजराइल के विदेश मंत्री ने अपने यूरोपीय समकक्षों से चर्चा शुरू कर दी है. ईरान से युद्ध खत्म होते ही इजराइल का सीरिया पर हमले को अमेरिका समेत कई देश ठीक नहीं मान रहे हैं. दूसरी ओर इजराइल अपने कदम को सही साबित करने में लगा है. इजराइल का कहना है कि सीरिया की सीमा क्रॉस करने वाले ड्रूज नागरिकों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं. दरअसल, सीरिया के स्वेदा शहर में ड्रूज समुदाय और बैनेदोई समुदाय के बीच हिंसक झड़प होने से यहां पर हालात बिगड़ गए हैं. इस हिंसा में करीब 300 लोगों के मारे जाने की आशंका है. बीते बुधवार को इजराइल सीरिया सीमा पर ड्रूज समुदाय को बचाने के लिए इजराइल से कई ड्रूज नागरिक सीरिया सीमा को लांघ गए. इसके बाद इजराइल ने सीरिया पर कई बड़े हमले किए. दमिश्क में रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय पर अटैक किया.
अल्पसंख्यकों की सुरक्ष बेहद जरूरी
इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन ने सीरिया में ड्रूज समुदाय के साथ हो रही हिंसा का मुद्दा यूरोपीय समकक्षों के सामने उठाया. इजराइल का कहना है कि वह दक्षिणी सीरिया में किसी भी प्रकार का खतरा नहीं बढ़ने देना चाहता है. गोदान ने कहा कि सीरिया की ओर से ड्रूज समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्ष बेहद जरूरी है. यूरोपीय संघ ने भी सीरिया पर लगे प्रतिबंरधों को हटाने के लिए यह शर्त रखी थी. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांच कराने के सीरिया के दावे खोखले साबित हुए हैं. सीरिया के शासन को पहले ही स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अगर वह शांति चाहता है तो उसे क्या करना होगा.
सीरियाई सीमा पर हालात बेकाबू
सीरियाई सीमा पर बुधवार को हालात बेकाबू हो गए. इजराइली और सीरिया सीमा पर ड्रूज समुदाय के लोग सीमा का उल्लंघन कर रहे थे. खास तौर से इजराइल के ड्रूज नागरिक सीरिया की सीमा में प्रवेश कर गए थे. इसके बाद इजरायल ने ड्रूज़ की वापसी के लिए प्रयास तेज किए. इस सीमा पर ड्रूज सांसद एमके हमाद अमरथे भी पहुंच गए. उनका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि वे ड्रूज नागरिकों की वापसी करा सकें. वह सीरिया में अधिक दूर तक नहीं गए, बल्कि सुरक्षाबलों के साथ और उनकी अनुमति से सिर्फ बफर जोन तक गए थे. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस मामले सयंम बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा, सीरियाई ड्रूज़ और बेडौइन के बीच लड़ाई की वजह से इजराइल और सीरियाई सरकारों के बीच ‘गलतफहमी’ पैदा हुई. इसके कारण आईडीएफ ने व्यापक बमबारी की.