Israel Election Fraud Allegations : इजरायल में संसदीय चुनाव के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने अरब पार्टियों पर चुनाव में धांधली करके सीटें जीतने का आरोप लगाया था। पार्टी ने रिश्वत, धमकी, हिंसा और मतपत्रों में हेराफेरी के दावे किए। लेकिन अब इजरायली पुलिस ने इन आरोपों को समर्थन देने वाले सबूत मिलने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, चुनाव के दिन मतदान की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली असामान्य घटनाएं बहुत कम हुईं। इस बयान से लिकुड के दावों को झटका लगा है। वहीं, केंद्रीय चुनाव समिति ने स्पष्ट किया है कि उसे मिली शिकायतों की समीक्षा अभी जारी है।
लिकुड ने लगाए थे गंभीर आरोप
नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने बुधवार को दावा किया था कि अरब पार्टियों ने चुनाव के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां कीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को रिश्वत दी गई, उन्हें धमकाया गया और हिंसा का सहारा लिया गया। इसके अलावा मतपत्रों में हेराफेरी और मतदाताओं को जुटाने के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए। लिकुड ने इन घटनाओं को इजरायल के चुनावी इतिहास की गंभीर गड़बड़ी बताया। पार्टी का कहना था कि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को धमकाया गया और वोटों की गिनती में भी गड़बड़ी हुई।
पुलिस ने जांच में क्या पाया?
लिकुड के आरोपों के बाद इजरायली पुलिस ने गुरुवार को अपना बयान जारी किया। पुलिस ने कहा कि चुनाव के दिन मतदान की निष्पक्षता से जुड़ी असामान्य घटनाएं बहुत कम हुईं। पिछले चुनावों के मुकाबले भी ऐसी घटनाओं की संख्या कम थी। पुलिस के मुताबिक, उसके पास लिकुड के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं है। इससे पहले केंद्रीय चुनाव समिति के एक अधिकारी ने भी बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के दावों को खारिज किया था। हालांकि, पुलिस के इस बयान का मतलब यह नहीं है कि सभी शिकायतों की समीक्षा पूरी हो चुकी है।
जांच के लिए कई एजेंसियों से की मांग
लिकुड ने पुलिस के अलावा इजरायल की खुफिया एजेंसी शिन बेट और केंद्रीय चुनाव समिति से भी तत्काल जांच शुरू करने की मांग की थी। पार्टी ने कहा था कि वह अधिकारियों को सैकड़ों गवाहियों और दूसरे सबूतों से जुड़ी जानकारी सौंपेगी। इन शिकायतों में मतदान केंद्रों पर कथित धमकी, बूथ में एक से अधिक लोगों के जाने और मतगणना में गड़बड़ी जैसे आरोप शामिल थे। दूसरी ओर, पुलिस ने कहा है कि फिलहाल इन दावों की पुष्टि करने वाला सबूत उसके पास नहीं है। केंद्रीय चुनाव समिति शिकायतों की समीक्षा कर रही है।
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अरब पार्टियों के प्रदर्शन से बढ़ी राजनीतिक हलचल
इजरायल में 27 अक्टूबर को हुए संसदीय चुनाव के शुरुआती नतीजों ने राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। उपलब्ध आंशिक नतीजों के मुताबिक, अरब पार्टियों को मिलाकर करीब 19 सीटें मिलने का अनुमान है। इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। शुरुआती नतीजों में नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत से पीछे दिखाई दे रहा है। विपक्षी गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाला गुट भी अपने दम पर बहुमत से दूर है। ऐसे में अरब पार्टियों का समर्थन सरकार बनाने की बातचीत में अहम भूमिका निभा सकता है।
शिकायतों पर फैसले का इंतजार
चुनावी धांधली को लेकर लिकुड के आरोपों और पुलिस के बयान के बीच विवाद जारी है। एक तरफ नेतन्याहू की पार्टी ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है, तो दूसरी तरफ पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों के समर्थन में उसे सबूत नहीं मिले। केंद्रीय चुनाव समिति शिकायतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में फिलहाल चुनावी शिकायतों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। शुरुआती नतीजों में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार बनाने की बातचीत में अरब पार्टियों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।