इजरायल के डिफेंस फोर्स ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां पर हवाई हमले किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आईडीएफ ने यह जानकारी साझा की। आईडीएफ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। हिजबुल्लाह के इन ठिकानों को बीते वर्ष तबाह किया था। बाद में इन्हीं ठिकानों का उपयोग उपकरणों को बनाने में किया जा रहा था। इजरायल का कहना है कि ऐसा करके सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है।
शव आईडीएफ को सौंप दिया
इजरायली मीडिया की ओर से साझा सूचना के अनुसार, हमास ने इजरायल के स्टाफ सार्जेंट इते चेन के अवशेषों वाला ताबूत मंगलवार की रात को आईडीएफ के हवाले कर दिया। वह गाजा पट्टी में अमेरिकी नागरिकता वाले अंतिम मृत बंधक थे, जिनका पता अब चल सका।
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लेबनान के शीर्ष अधिकारियों को एक खत लिखा
दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने लेबनान के शीर्ष अधिकारियों को एक पत्र भी लिखा। इसमें हिज्बुल्लाह ने इजरायल के संग वार्ता करने के बजाय युद्धविराम के नियमों का अनुसरण करने को लेकर मजबूर किया है। हिज्बुल्लाह ने यह पत्र प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष को लिखकर पूरी जानकारी दी है।
हथियारों के मुद्दे पर देश के अंदर चर्चा
हिज्बुल्लाह ने कहा है कि हथियारों के एकाधिकार से जुड़े सरकार के जल्दबाजी में लिए निर्णय ने इजरायल को हालात लाभ उठाने का मौका दिया है। हथियारों के मामले को लेकर देश में अंदर चर्चा की जानी चाहिए। हथियारों को लेकर इजरायल की डिमांड के आगे नहीं झुकना चाहिए था।
सीजफायर प्लान पेश किया था
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जो सीजफायर की योजना बनाई , उसके तहत ना केवल बंधकों और कैदियों की रिहाई बल्कि हथियार डालने की बात पर सहमति जताई थी। आपको बता दें, इस पूरे पीस प्लान को लेकर अहम मुद्दा हथियार को नहीं उठाना था। वहीं इजरायल ने चेताया है कि अगर इन समूहों की ओर से हथियार नहीं त्यागे गए तो हमले दोबारा शुरू होंंगे।