मध्य पूर्व में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को 48 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने दावा किया है कि ईरान के नतान्ज परमाणु संवर्धन केंद्र को दोबारा निशाना बनाया गया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का ऐलान करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और पूरा मिडिल ईस्ट तनाव की आग में घिरता दिख रहा है।
नतान्ज परमाणु केंद्र पर फिर हमला, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
ईरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र Natanz Nuclear Facility पर दोबारा हमला होने की पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से हुई है। पहले कहा जा रहा था कि हालिया हमलों में परमाणु ठिकानों को बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन नई तस्वीरों में साइट के कुछ हिस्सों में क्षति के संकेत मिले हैं। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की शुरुआत क्यों?
अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि ईरान परमाणु ईंधन संवर्धन के अपने ‘अविभाज्य अधिकार’ पर अड़ा हुआ था। अमेरिका ने इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया है, जिसे अब तक का सबसे जटिल और शक्तिशाली सैन्य अभियान बताया जा रहा है।
खामेनेई की मौत के बाद भड़की जंग
इजरायल और अमेरिका के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। इस घटनाक्रम के बाद ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं। वहीं कतर ने दावा किया कि उसकी वायुसेना ने ईरान से आए दो लड़ाकू विमानों और कई बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
न्यूयॉर्क में प्रदर्शन, NATO ने बनाई दूरी
ईरान पर हमले के खिलाफ New York City में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युद्ध नहीं, शांति और संसाधनों की जरूरत है। इस बीच NATO के महासचिव ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट के इस संघर्ष में नाटो प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होगा। हालांकि अमेरिका ने साफ कहा है कि जब तक उसके सभी सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं होते, अभियान जारी रहेगा।