पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल ने ईरान को लेकर बेहद कड़ा रुख दिखाया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर माने जा रहे मुज्तबा खामेनेई भी इजरायल के निशाने से बाहर नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आतंकवादी संगठन या उसके नेतृत्व के लिए “जीवन की गारंटी” नहीं दी जा सकती। इस बयान ने मध्य पूर्व की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
ईरान के नेतृत्व को लेकर इजरायल का कड़ा संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इजरायली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व और उससे जुड़े संगठनों को अब पहले जैसी छूट नहीं मिलने वाली। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान और उससे जुड़े समूह क्षेत्रीय स्थिरता के खिलाफ कदम उठाते रहे तो इजरायल किसी भी स्तर पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। नेतन्याहू के अनुसार इजरायल अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है और अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।
मुज्तबा खामेनेई पर सख्त चेतावनी
ईरान के नए संभावित सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर नेतन्याहू का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती जो इजरायल के खिलाफ काम करने वाले संगठनों से जुड़ा है। उनका यह भी कहना था कि आतंकवादी संगठनों के नेताओं के लिए कोई “लाइफ इन्श्योरेंस पॉलिसी” नहीं होती, इसलिए हालात के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हिजबुल्लाह को लेकर लेबनान सरकार को चेतावनी
नेतन्याहू ने लेबनान की सरकार को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हिजबुल्लाह को खुलकर काम करने दिया गया तो इसका गंभीर परिणाम होगा। उन्होंने कहा कि लेबनान अगर इस संगठन को निहत्था करने के लिए कदम नहीं उठाता है तो इजरायल को मजबूरन खुद कार्रवाई करनी पड़ेगी। उनके मुताबिक हिजबुल्लाह को किसी भी उकसावे की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ईरान में शासन परिवर्तन पर दिया बड़ा बयान
ईरान की आंतरिक राजनीति को लेकर भी इजरायली प्रधानमंत्री ने अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूदा शासन का अंत तभी संभव है जब वहां की जनता खुद बदलाव के लिए आगे आए। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ ताकतें इस दिशा में मदद कर सकती हैं। उनका कहना था कि अगर यह शासन खत्म नहीं भी होता है तो मौजूदा हालात में यह काफी कमजोर जरूर हो जाएगा।
‘पूरे मिडिल ईस्ट को बदल देंगे’— नेतन्याहू का दावा
अपने संबोधन के अंत में नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल आने वाले समय में पूरे मध्य पूर्व के रणनीतिक समीकरण बदल सकता है। उनका कहना था कि क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्था और शक्ति संतुलन उभर रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे दोस्त हों या दुश्मन, सभी देश अब यह मानने लगे हैं कि इजरायल पहले से ज्यादा मजबूत और निर्णायक भूमिका में है।