इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायल दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा। उनका यह बयान उस समय आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की। यह समझौता नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के बीच हुआ है और इसे अमेरिकी पूर्वी समय के अनुसार शाम 5 बजे से लागू किया जाना है।
हिज़्बुल्लाह ने उस मांग को ठुकरा दिया
नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें इजरायली सेना को अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पीछे हटने के लिए कहा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायली सेना लेबनान के अंदर बनाए गए इस सुरक्षा क्षेत्र में ही तैनात रहेगी।
सुरक्षा क्षेत्र उत्तरी इजरायल के इलाकों पर हमले
उनका कहना है कि यह सुरक्षा क्षेत्र उत्तरी इजरायल के इलाकों को हमलों और टैंक रोधी हथियारों से बचाने में मदद करेगा। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि लेबनान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौता करने का मौका है। उन्होंने बताया कि ट्रंप इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए उन्हें और लेबनान के राष्ट्रपति को बातचीत के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं।
सीधे शांति वार्ता के संकेत मिले हैं
नेतन्याहू के अनुसार, यह मौका इसलिए बना है क्योंकि इजरायल ने लेबनान में ताकत का संतुलन अपने पक्ष में बदल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक महीने में लेबनान की ओर से सीधे शांति वार्ता के संकेत मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन बातचीतों में इजरायल की दो मुख्य शर्तें होंगी—पहली, हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह हथियार छोड़ने होंगे, और दूसरी, एक स्थायी शांति समझौता होना चाहिए।
सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव
ईरान के मुद्दे पर नेतन्याहू ने दावा किया कि ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिया है कि वे समुद्री नाकेबंदी जारी रखेंगे और ईरान की बची हुई। परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं। नेतन्याहू ने इन कदमों को बहुत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे आने वाले वर्षों में सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है।