इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ का दावा है कि ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की मौत हो चुकी है। इजरायली सेना (IDF) ने रातभर चले हमले में लारिजानी को निशाना बनाया था। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक लारिजानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
खामेनेई के करीबी माने जाते थे
लारिजानी को ईरान के सबसे ताकतवर नेताओं में गिना जाता था और वे अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी माने जाते थे। इजरायल ने यह हमला ईरान के बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी को भी निशाना बनाया। इनकी मौत की पुष्टि हो गई है।
लारिजानी की हत्या का दावा किया
ईरान-इजरायल तनाव के परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं। इजरायल ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की हत्या का दावा किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। ईरान ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह संभावना है कि ईरान इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले या अन्य सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
तनाव बढ़ना: दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकती है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: विश्व समुदाय इस तनाव को कम करने के लिए दबाव डाल सकता है, लेकिन इसका परिणाम अनिश्चित है.
40 देशों की अर्थव्यवस्था पर असर
ईरान-इजरायल तनाव के परिणामस्वरूप वैश्विक अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ सकता है. यदि यह तनाव बढ़ता है, तो तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है. इससे दुनिया के 40 देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. भारत की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत तेल और गैस का आयात करता है। यदि कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.