इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं हटाता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी मौजूदा जगहों से पीछे नहीं हटेगी। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा, "हमने इजरायल के सैनिकों को निर्देश दिया है कि वे हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी है वो करें।"
समझौते का मसौदा तैयार किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि उनकी 'पीस बोर्ड' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूरी तरह निरस्त्रीकरण के लिए एक समझौते का मसौदा तैयार किया है।
रोडमैप के नए संस्करण पर सहमति
इस पर पीएम नेतन्याहू ने कहा कि व्हाइट हाउस ने हमें एक ड्राफ्ट भेजा था, लेकिन हमने उससे सहमति नहीं जताई। यह हमारा ड्राफ्ट नहीं है। हमने अपने सुझाव भेज दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा के एक दिन बाद हमास ने कहा कि उसने गाजा युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के रोडमैप के नए संस्करण पर सहमति दे दी है। हालांकि इसके साथ उसने शर्तें भी रखीं। हमास का कहना है कि हथियारों को लेकर कोई भी फैसला तभी होगा जब हमले पूरी तरह बंद हों, इजरायल गाजा से अपनी सेना हटाए और इलाके के पुनर्निर्माण में प्रगति हो।
इजरायली हमलों में कई लोगों की मौत
इस बीच बीते हफ्ते गाजा में इजरायली हमलों में कई लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे और आम नागरिक भी शामिल थे। इसके बाद कतर, मिस्र और तुर्की ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर इसकी निंदा की। ये तीनों देश गाजा में युद्धविराम की बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं।
अस्थायी फिलिस्तीनी प्रशासन को सौंपी जाएगी
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, एक नए अंतरराष्ट्रीय रोडमैप के तहत हमास गाजा में अपना नागरिक और सैन्य शासन दोनों छोड़ने को तैयार हुआ है। इस योजना के तहत गाजा की जिम्मेदारी एक अस्थायी फिलिस्तीनी प्रशासन को सौंपी जाएगी।
गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति बनाई जाएगी
ट्रंप की गाजा शांति पहल का यह प्रस्ताव सिर्फ युद्धविराम तक सीमित नहीं है। इसमें हमास की शासन व्यवस्था को खत्म करने की विस्तृत योजना है। इसकी जगह गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति बनाई जाएगी। यह एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी संस्था होगी जो संक्रमणकाल में नागरिक काम और अंदरूनी सुरक्षा दोनों संभालेगी।