इजरायल के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी अहम खोज की है, जिसने उम्र बढ़ने को समझने और उसे धीमा करने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बेन-गुरियन विश्वविद्यालय की टीम ने खून में मौजूद एक खास तरह की प्रतिरक्षा कोशिकाओं (इम्यून सेल) की पहचान की है, जो शरीर में इकट्ठा होने वाली पुरानी और खराब हो चुकी कोशिकाओं को हटाने में मदद करती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर ये कोशिकाएं ठीक तरीके से काम करती रहें, तो इंसान अधिक समय तक स्वस्थ रह सकता है।
टी-हेल्पर कोशिकाएं कहा जाता है
इन कोशिकाओं को टी-हेल्पर कोशिकाएं कहा जाता है। उम्र बढ़ने के साथ ये कोशिकाएं बदलकर ऐसे रूप में आ जाती हैं जो “सीनसेंट सेल,” यानी बूढ़ी और निष्क्रिय हो चुकी कोशिकाओं को पहचानकर खत्म करती हैं। ये सीनसेंट सेल शरीर में सूजन बढ़ाती हैं, अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं, और कई उम्र-संबंधी बीमारियों की वजह बनती हैं। इसलिए इन्हें हटाना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
शरीर को बूढ़ा होने से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं
शोध टीम ने जब चूहों पर प्रयोग किया, तो उन्होंने पाया कि अगर इन खास टी हेल्पर कोशिकाओं की संख्या कम कर दी जाए, तो चूहों में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और उनकी जिंदगी भी घट जाती है। इससे साफ हुआ कि ये कोशिकाएं शरीर को बूढ़ा होने से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
100 साल से अधिक उम्र वाले लोगों का खून जांचा
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जब वैज्ञानिकों ने 100 साल से अधिक उम्र वाले लोगों का खून जांचा, तो उनमें ये खास कोशिकाएं आम लोगों की तुलना में काफी ज्यादा पाई गईं। इसने यह विचार मजबूत किया कि लंबे और स्वस्थ जीवन का राज इन इम्यून कोशिकाओं से जुड़ा हो सकता है।