इजरायल के डिफेंस फोर्स ने हिज्बुल्लाह कमांडर अली तबातबाई को एयरस्ट्राइक में मार गिराया है। हिज्बुल्लाह ने इस बात की पुष्टि की है। दूसरी ओर आईडीएफ ने भी तबातबाई की मौत की जिम्मेदारी ले ली है। इस दौरान इजरायली मीडिया ने जानकारी दी है कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसका आदेश दिया था।
ऑपरेशन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों को बधाई
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने रविवार रात इजरायली हमले में हिज्बुल्लाह के चीफ ऑफ स्टाफ हैथम अली तबातबाई के मारे जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यकत की है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री, मिनिस्टर ऑफ डिफेंस, चीफ ऑफ स्टाफ, कैबिनेट, सिक्योरिटी फोर्स और इस ऑपरेशन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों वे बधाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि इजरायल उत्तरी सीमा पर खतरे को खत्म करने के लिए जरूरत के हिसाब काम जारी रखेगा। इलाके के रहने वालों के साथ-साथ सभी इजरायली नागरिकों को सुरक्षा की गारंटी दी गई है। यह ऑपरेशन एक संकेत देता है कि हिजबुल्लाह से आने वाले किसी भी खतरे को सख्ती से निपटने की कोशिश होगी।
हिज्बुल्लाह ने भी इजरायली एयरस्ट्राइक में अपने मिलिट्री चीफ तबातबाई की मौत की पुष्टि की। इजरायल ने जब इसकी घोषणा की तो उसके कुछ ही घंटे के बाद हिज्बुल्लाह की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई। हिज्बुल्लाह ने तबातबाई के अलावा चार ऑपरेटिव्स के मारे जाने की खबर सामने आई है। इनमें इब्राहिम अली हुसैन, रिफात अहमद हुसैन, मुस्तफा असद बरौ और कासिम हुसैन बरजावी के नाम शामिल हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमले के दौरान पांच लोग मारे गए और 28 से ज्यादा घायल हो गए।
हिज्बुल्लाह के रैंक में ऊपर उठता गया
तबातबाई के बारे में माना जाता है कि वह संगठन के मिलिट्री ऑपरेशन्स में सालों तक शामिल रहने के कारण हिज्बुल्लाह के रैंक में ऊपर उठता गया और मिलिट्री में एक अनुभवी और असरदार व्यक्ति के तौर पर उनकी पहचान बनी थी। ईडीएफ ने हिज्बुल्लाह चीफ को निशाना बनाकर यह हमला किया था। 2016 में अमेरिका ने मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में तबातबाई को शामिल किया था। इसके ऊपर 50 लाख का इनाम भी घोषित था। 2023-24 में इजरायल और लेबनान के बीच हुए भीषण हमले में आईडीएफ ने हिज्बुल्लाह के ज्यादातर अधिकारियों को ढेर कर दिया था।