जिस महिला की हत्या का राजफाश पुलिस दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा के रूप में कर चुकी है, दरअसल वह तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत थी और उसकी पहचान मां ने कानों के ईयरिंग के आधार पर की है। हालांकि इस मामले में पुलिस चार आरोपियों को जेल भेज चुकी है। बताया तो यह भी जा रहा है कि पुलिस को महिला के बारे में सबकुछ मालूम था, लेकिन हकीकत किस लिए छिपाई? इस पर अधिकारियों का कहना था कि आधार कार्ड के आधार पर ही महिला की पहचान की गई है। अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच का दावा पुलिस कर रही है।
यह था मामला
मवाना थाना पुलिस को 21 फरवरी को मेरठ-बिजनौर हाईवे स्थित भगवती फार्म हाउस के पास एक खेत से महिला का जला हुआ शव मिला था। महिला की पहचान के लिए पुलिस ने हाईवे पर कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के बाद 26 फरवरी को महिला की हत्या का राजफाश करते हुए चार आरोपी गुरमुख उर्फ अरविन्द उर्फ मोनू निवासी जौहडी गांव थाना बिनौली जिला बागपत, संदीप उर्फ सिट्टू उर्फ राहुल निवासी प्रभात नगर थाना सिविल लाइंस, चंचल कुमार उर्फ बंटी निवासी न्यू देवपुरी थाना रेलवे रोड और विवेक उर्फ काका निवासी खजुरी वाली गली मलियाना थाना टीपीनगर को गिरफ्तार हत्या में प्रयुक्त क्रेटा कार बरामद की थी। पत्रकार वार्ता में एसपी देहात अभिजीत ने बताया था कि आरोपियों ने जिस महिला की हत्या कर पहचान मिटाने के लिए शव जलाया था, वह दिल्ली की रहने वाली अर्चिता अरोड़ा थी, क्योंकि पुलिस को उसके पास से आधार कार्ड भी मिला था, जिस पर अर्चिता अरोड़ा लिखा था।
पहचान में आया नया मोड़
हत्याकांड के राजफाश के चार दिन बाद महिला की पहचान को लेकर नया मोड़ आ गया। जिस दिन पुलिस ने हत्याकांड का राजफाश किया था, उसी दिन शाम को एक विदेशी महिला थाने पहुंची थी और उसने अपना नाम अजीजा निवासी उज्बेकिस्तान बताया था। अजीजा ने दावा किया कि जिस लड़की की लाश मिली है, वो तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली थी। अजीजा ने बताया, उसके पास चंडीगढ़ में रहने वाली एलीना का फोन आया था। 25 फरवरी की शाम मेरठ पुलिस ने उसे फोन किया था और मुहब्बत की लाश की फोटो भी भेजे थे। उसकी कॉल डिटेल में आखिरी नंबर एलीना का ही था। एलानी मुहब्बत की परिचित थी। एलीना उस समय मुहब्बत को नहीं पहचान पाई थी, लेकिन उसने पुलिस से मिली फोटो मुहब्बत की मां नाहमदिनोवा गुलनारा को भेजी थी।अजीजा ने भी मुहब्बत की मां गुलनारा को वीडियो कॉल कर जले हुए फोटो दिखाए।
गुलानारा ने इयररिंग और ब्लैक टॉप देखकर बेटी की पहचान की है। हालांकि इस मामले में अभी अधिकारी खुल कर कुछ नहीं बोल रहे है पर अजीजा का कहना था कि एलीना ने पुलिस को सब कुछ बता दिया था। ऐसे में पुलिस ने मुहब्बत की दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा को रूप में पहचान क्यों की? इस पर पुलिस का कहना था कि पहचान के लिए आधार कार्ड मौके से मिला था। इस मामले में पुलिस नए सिरे से जांच कराने का दावा कर रहे है, क्योंकि अगर शव मुहब्बत था तो उसका आधार कार्ड कैसे बना? इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग है और मुहब्बत मेरठ में क्या करने के लिए आई थी? हालांकि पत्रकार वार्ता के दौरान अधिकारियों ने बताया था कि शराब पीने के दौरान रुपयों को लेकर अर्चिता को आरोपियों से विवाद हुआ था और अर्चिता ने आरोपियों को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी थी, जिसके चलते आरोपियों ने हत्या की थी।