अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाकर कथित हत्या की साजिश रचे जाने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा एक प्रशिक्षित कमांडर इवांका की हत्या की योजना बना रहा था। आरोपी को तुर्की में गिरफ्तार किया गया और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
इवांका ट्रंप को बनाया गया था टारगेट
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी ने इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। बताया गया है कि उसके पास फ्लोरिडा स्थित इवांका के आवास का पूरा खाका मौजूद था। सोशल मीडिया पर उसने घर की तस्वीर और नक्शा साझा करते हुए धमकी भरे संदेश भी पोस्ट किए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला केवल धमकी तक सीमित नहीं था, बल्कि हमले की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
कासिम सुलेमानी की मौत का लेना चाहता था बदला
बताया जा रहा है कि आरोपी अल-सादी ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को अपना गुरु मानता था। छह साल पहले बगदाद में अमेरिकी कार्रवाई में सुलेमानी की मौत हुई थी। इसके बाद से अल-सादी ट्रंप परिवार के खिलाफ बदले की भावना रखता था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वह अक्सर कहता था कि ट्रंप परिवार को उसी दर्द का एहसास कराया जाएगा, जैसा उनके लोगों ने झेला।
सोशल मीडिया पर दी थी खुली धमकी
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर का नक्शा पोस्ट कर चेतावनी दी थी। पोस्ट में लिखा गया था कि न महल और न ही सीक्रेट सर्विस उनकी सुरक्षा कर पाएगी। एजेंसियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से निगरानी और विश्लेषण की प्रक्रिया में जुटा हुआ था। इस पोस्ट के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
तुर्की में गिरफ्तारी, फिर अमेरिका प्रत्यर्पण
मोहम्मद अल-सादी को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार उस पर यूरोप और अमेरिका में कई हमलों और हमले की कोशिशों में शामिल होने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह इराक-ईरान आतंकी नेटवर्क का सक्रिय सदस्य रहा है।
यहूदी और अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के आरोप
अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक अल-सादी ने अमेरिका और यहूदी ठिकानों को निशाना बनाकर कई साजिशें रची थीं। इनमें एम्स्टर्डम स्थित बैंक पर पेट्रोल बम हमला, लंदन में यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला और टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी जैसी घटनाएं शामिल बताई गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।