मध्य प्रदेश के जबलपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब एयरपोर्ट से सटे क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान जमीन के भीतर दबा एक जिंदा मोर्टार बरामद हुआ। करीब 12 किलो वजनी इस विस्फोटक को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के नजदीक विस्फोटक मिलने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
निर्माण कार्य के दौरान सामने आया विस्फोटक
घटना जबलपुर के डुमना क्षेत्र के गदेरी गांव की है, जहां एक निजी प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए खुदाई का कार्य चल रहा था। मजदूर कॉलम की नींव तैयार करने के लिए जमीन खोद रहे थे, तभी उन्हें मिट्टी के भीतर एक संदिग्ध धातु जैसी वस्तु दिखाई दी। नजदीक से देखने पर मामला गंभीर प्रतीत हुआ और तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, घेरा गया पूरा इलाका
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया गया। आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बरामद वस्तु एक अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) है, यानी ऐसा सैन्य विस्फोटक जो किसी कारणवश फटा नहीं और वर्षों से जमीन के भीतर दबा रहा।
सैन्य प्रतिष्ठानों के पास मिलने से बढ़ी चिंता
जिस क्षेत्र में यह मोर्टार मिला है, उसके आसपास सैन्य गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में जिंदा विस्फोटक मिलने की सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुराना सैन्य मोर्टार हो सकता है, जो लंबे समय से जमीन में दबा हुआ था।
बम निरोधक टीम को सौंपी गई जिम्मेदारी
मामले की जानकारी मिलते ही सैन्य अधिकारियों को सूचित किया गया। विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञ टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है ताकि किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो।
जांच के साथ सुरक्षा पहलुओं की भी पड़ताल
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोर्टार वहां कैसे पहुंचा और कितने समय से जमीन के भीतर दबा हुआ था। घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा जांच और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।