
Jabalpur flyover :मध्यप्रदेश का औद्योगिक और सांस्कृतिक शहर जबलपुर आज एक ऐतिहासिक सौगात का गवाह बना है। शहरवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से बना यह फ्लाईओवर अब शहर के लिए लाइफलाइन साबित होगा। मदनमहल से दमोह नाका तक फैला यह फ्लाईओवर 7 किलोमीटर लंबा है, जिसे पार करने में अब केवल 7 मिनट का समय लगेगा, जबकि पहले इसी दूरी को तय करने में 30 से 45 मिनट तक का वक्त लग जाता था।
7 किलोमीटर लंबाई और अत्याधुनिक डिजाइन
जबलपुर का यह फ्लाईओवर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे लंबा फ्लाईओवर है। इसकी कुल लंबाई 7 किलोमीटर है और इसे अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। फ्लाईओवर को स्मार्ट लाइटिंग और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स से युक्त किया गया है। खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट लगभग 6 साल की मेहनत के बाद तैयार हुआ है।
ट्रैफिक दबाव कम करेगा नया ब्रिज
इस फ्लाईओवर के शुरू होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। अभी तक बड़े वाहन और ट्रक शहर के बीचोंबीच से गुजरते थे, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनती थी। लेकिन अब इन वाहनों के लिए फ्लाईओवर वैकल्पिक मार्ग बनेगा और शहर की मुख्य सड़कों पर दबाव घटेगा।
व्यापार
और यात्रा दोनों को मिलेगी राहत
यह फ्लाईओवर सिर्फ आम यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी बड़ा लाभकारी साबित होगा। परिवहन और माल ढुलाई के लिए आसानी होगी और शहर का कनेक्टिविटी नेटवर्क और मजबूत होगा। यही वजह है कि इसके लोकार्पण को लेकर जबलपुर के लोगों में खासा उत्साह है।
छह साल बाद मिला
सपना साकार
इस फ्लाईओवर का शिलान्यास साल 2019 में किया गया था। उस वक्त इसकी लागत करीब 800 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन काम की बढ़ती जटिलता और विस्तार के चलते यह लागत बढ़कर लगभग 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। 23 अगस्त 2025 को इसका लोकार्पण किया गया और अब यह जबलपुरवासियों के लिए सबसे बड़ी सौगात बन चुका है।