महिला सुरक्षा को लेकर जबलपुर को बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र के ‘सेफ सिटीज एंड सेफ पब्लिक स्पेस फॉर वूमेन’ कार्यक्रम में शामिल होने वाला यह देश का एकमात्र शहर बना है। इस पहल के जरिए शहर में महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, बेहतर परिवहन व्यवस्था और जागरूक समाज तैयार करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल हुआ जबलपुर
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में जबलपुर ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र के इस वैश्विक कार्यक्रम के तहत दुनिया के चुनिंदा शहरों के साथ अब जबलपुर का नाम भी जुड़ गया है। यह चयन शहर के लिए केवल सम्मान की बात नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी भी लेकर आया है।
सुरक्षा के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
योजना के तहत छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य केवल सुरक्षा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
सफर होगा ज्यादा सुरक्षित
सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में भी काम होगा। शहर की बसों, टैक्सियों और ऑटो रिक्शा में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाए जाने की तैयारी है। इससे वाहनों की निगरानी आसान होगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
परिवार और समाज की भूमिका पर भी रहेगा फोकस
महिला सुरक्षा को केवल कानून-व्यवस्था से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। इस परियोजना के तहत बच्चों और अभिभावकों के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव समाज में और मजबूत हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित माहौल की शुरुआत परिवार और सामाजिक सोच से होती है।
कार्यशाला में सामने आए कई सुझाव
परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शहर में जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महिला सुरक्षा के अनुकूल बुनियादी ढांचे के विकास, सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। आने वाले समय में इन सुझावों के आधार पर विभिन्न स्तरों पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।