मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ संगठनों की सूचना पर पुलिस ने 7 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। ये सभी शहर के पानागर क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते पाए गए थे। पूछताछ के दौरान उनके पास से पहचान पत्र, किताबें और खाने-पीने का सामान बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
गौशाला के पास दिखे संदिग्ध लोग
जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के पानागर इलाके में स्थित एक गौशाला के आसपास 6 से 8 लोगों का समूह देखा गया। इनके पास बड़े बैग थे और वे मुख्य मार्ग से हटकर अंदरूनी रास्तों से आगे बढ़ रहे थे। इस गतिविधि को देखकर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की, लेकिन वे अपने जबलपुर आने का स्पष्ट कारण नहीं बता पाए।
पहचान और सामान को लेकर बढ़ी शंका
प्राथमिक पूछताछ के दौरान इन लोगों के पास से उर्दू भाषा में लिखी कई किताबें और कई दिनों के लिए पर्याप्त खाने-पीने का सामान मिला। इसके अलावा पहचान के तौर पर दिल्ली के आधार कार्ड भी बरामद किए गए। बताया गया कि इनमें से अधिकांश दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि एक व्यक्ति झांसी से जुड़ा हुआ पाया गया है।
स्थानीय संपर्क न होने से सवाल
जब स्थानीय स्तर पर इनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई, तो आसपास के लोगों ने इन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। न तो इनके किसी परिचित का पता चला और न ही किसी स्थानीय ठिकाने की जानकारी सामने आई। इसी वजह से इनके शहर में आने के उद्देश्य को लेकर सवाल और गहरे हो गए।
पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ
सूचना मिलने पर पानागर थाना पुलिस ने सभी 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आधार कार्ड के जरिए उनकी पहचान की पुष्टि कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे किस रास्ते से जबलपुर पहुंचे और यहां आने का वास्तविक मकसद क्या था। फिलहाल किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच जारी, अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। जब तक पूछताछ पूरी नहीं हो जाती, किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।