Bitchat Ban In India: मैसेजिंग ऐप Bitchat को लेकर भारत में नया विवाद शुरू हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के पूर्व प्रमुख जैक डॉर्सी ने दावा किया है कि भारत सरकार Bitchat को देश में ब्लॉक करना चाहती है। बता दें, बिटचैट जैस डॉर्सी की ही एक सोर्स प्लेटफॉर्म है। उन्होंने इस ऐप को इस तरह से डिजाइन किया है कि आप इसे बिना इंटरनेट और नेटवर्क के भी चला सकते हैं।
डॉर्सी ने शेयर किया पोस्ट
डॉर्सी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें एक सरकारी नोटिस जैसा कोई डॉक्यूमेंट दिखाया। इस पर उन्होंने लिखा कि भारत सरकार Bitchat जैसी तकनीक को पसंद नहीं करती और इसे हटाना चाहती है। बता दें, वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने GitHub को नोटिस भेजकर बिटचैट के लिंक्स और एंड्रॉयड पैकेज हटाने को कहा है।
the government of india does not like technologies like bitchat and wants it taken down pic.twitter.com/gjzMg1NGCi
— jack (@jack) July 24, 2026
ऑफिशियल बयान नहीं हुआ है जारी
दस्तावेज में कहा गया है कि बिटचैट एक ऐसा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है जो ब्लूटूथ मेश नेटवर्क पर काम करता है। हालांकि इसे लेकर अभी तक भारत सरकार, होम मिनिस्ट्री, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) या GitHub की ओर से इस दावे पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया है।
कैसे काम करता है Bitchat
आपको बता दें कि यह ऐप काम करने के लिए मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या किसी भी सर्वर पर निर्भर नहीं रहता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर, ईमेल या कोई भी यूजर रजिस्ट्रेशन भी जरूरी नहीं होता है। यह आसपास मौजूद फोन्स को एक दूसरे से जोड़कर एक नेटवर्क बना लेता है, जिससे मैसेज एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक पहुंचते हैं। इसी वजह से कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए बातचीत को ट्रैक करना या उसकी जांच करना मुश्किल हो सकता है।
सुरक्षा का खतरा
कथित नोटिस में भी यह भी कहा गया है कि इस तरह के टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दंगे, हिंसक प्रदर्शन, आंतकवाद, संगठित अपराध, गलत जानकारी फैलाने के लिए किया जा सकता है। दस्तावेज में दावा है कि ऐसे प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल देश की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है। सरकार का यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और जंतर-मंतर के आसपास कई बार मोबाइल इंटरनेट भी बंद किया गया है। जिसके बाद Bitchat जैसे ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल बढ़ने लगा था।
जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन रहा Bitchat?
शेयर किए गए रिपोर्ट के मुताबिक नोटिस में कहा गया है कि Bitchat का डिजाइन जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकता है। क्योंकि इस ऐप में न तो कोई सेंट्रल सर्वर होता है, न किसी यूजर को कोई नंबर होता है और न ही ईमेल रजिस्ट्रर्ड होता है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर जानकारी हासिल करना आसान नहीं होता है।