Jagan Gurjar Murder Case: राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद परिजनों ने हत्या को सुनियोजित साजिश बताते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि जेल प्रशासन की लापरवाही और संदिग्ध फैसलों के कारण यह घटना हुई।
बैरक बदलने के अगले दिन हुई हत्या
जगन गुर्जर के बेटे आसाराम का आरोप है कि उनके पिता और चाचा पप्पू गुर्जर पहले एक ही बैरक में बंद थे, लेकिन रविवार को जेल प्रशासन ने दोनों को अलग-अलग बैरकों में भेज दिया। आरोप है कि जगन गुर्जर को उस बैरक में रखा गया, जहां पहले से एक हार्डकोर बंदी मौजूद था। अगले ही दिन बैरक के भीतर उनकी हत्या कर दी गई।
पहले भी जताया था जान का खतरा
परिजनों का कहना है कि अजमेर जेल में जगन गुर्जर और उनके भाई की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता जताई गई थी। परिवार ने गृह राज्य मंत्री को लिखित शिकायत देकर दोनों को धौलपुर जेल स्थानांतरित करने की मांग भी की थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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सीबीआई जांच की उठाई मांग
आसाराम गुर्जर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जेल जैसी सुरक्षित जगह पर हुई हत्या कई गंभीर सवाल खड़े करती है और इसकी गहन जांच जरूरी है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
अजमेर में दर्ज होगा मामला
घटना के बाद आसाराम गुर्जर अपने परिजनों के साथ बाड़ी कोतवाली थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घटना स्थल अजमेर होने के कारण वहीं मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद परिवार अजमेर के लिए रवाना हो गया। वहीं, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी परिजनों ने चिंता जताई है।