
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद 53 दिन तक सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए थे। नौ सितंबर को भारत के नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पहली बार सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज करवाई। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई बड़े नेता भी मौजूद थे। जगदीप धनखड़ ने राधाकृष्णन को बधाई देते हुए उनके प्रति शुभकामनाएं भी दीं।
शपथ ग्रहण समारोह में विशेष उपस्थिति
सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें विधिवत शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, वेंकैया नायडू और हामिद अंसारी के साथ मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री भी समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर जगदीप धनखड़ की मौजूदगी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही, क्योंकि यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी इस्तीफा देने के बाद।
धनखड़ का इस्तीफा और बाद की गुप्त यात्रा
जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद संभाला था, लेकिन 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया। इस कदम से राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं। विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए कि अगर स्वास्थ्य समस्या गंभीर थी तो इस्तीफा पहले क्यों नहीं दिया गया।
धनखड़ ने इस्तीफे के बाद लगभग दो महीने तक सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाई रखी। वे केवल अपने आधिकारिक आवास में ही रहे और न तो मीडिया से संपर्क किया और न ही किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया। हालाँकि राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति ने सभी अटकलों को विराम दिया।
उपराष्ट्रपति चुनाव में राधाकृष्णन की बड़ी जीत
उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन ने इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया था। कुल 788 सदस्यों में से 767 ने मतदान किया था। राधाकृष्णन को कुल 452 वोट प्राप्त हुए जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस भारी मतों की जीत ने नए उपराष्ट्रपति को मजबूती से स्थापित किया है।