
Jagdeep Dhankhar News: जगदीप धनखड़ को इस्तीफा दिए 4 दिन बीत चुके हैं। मगर अभी भी सियासी हलचल तेज है। जगदीप धनखड़ ने सेहत का हवाला देते हुए सोमवार यानी 21 जुलाई को इस्तीफ दिया। अब उनके इस्तीफे की कहानी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सेहत सिर्फ बहाना था। उन्हें भविष्य की भनक लग चुकी थी. ऐसे में आनन-फानन में मानसून सत्र से पहले ही उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में जगदीप धनखड़ को हटाने को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही थी।
किसी तरह का विकल्प नहीं था
बताया जा रहा है कि जगदीप धनखड़ के पास इस्तीफा के अलावा किसी तरह का विकल्प नहीं था। इसकी वजह है कि भाजपा और उसके सहयोगी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर चुके थे। जगदीप धनखड़ के खिलाफ अगले ही दिन अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्लानिंग थी। यह फैसला तब लिया गया, जब सरकार को पता चला कि उन्होंने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ 63 विपक्षी सांसदों की ओर से साइन किए महाभियोग वाले नोटिस को स्वीकार किया।
सभी दलों के हस्ताक्षर मौजूद थे
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जगदीप धनखड़ का कदम चौंकाने वाला था। दरअसल, जगदीप धनखड़ ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ विपक्ष के नोटिस को स्वीकार कर लिया था। वहीं सरकार लोकसभा में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही थी। उसके पास सभी दलों के हस्ताक्षर मौजूद थे। सरकार के कई मंत्री इस बात से काफी खफा थे। जगदीप धनखड़ के इस फैसले से एनडीए सांसदों और मंत्रियों को काफी धक्का लगा था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद कार्यालय में सांसदों के हस्ताक्षर एकत्र करने को लेकर काफी मशक्कत की गई। इस तरह अगले दिन राज्यसभा में जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी थी। जगदीप धनखड़ को इस बात पता चल गया था। ऐसा बताया जा रह है कि राज्यसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने जगदीप धनखड़ को इस बात खबर दी। इस पर उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया।