देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था, और अब वह पेंशन को लेकर चर्चा में आ गए हैं। धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा से पेंशन के लिए आवेदन किया है। 1993 में वे किशनगढ़ से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। नियमों के अनुसार उन्हें लगभग 42 हजार रुपये मासिक पेंशन का अधिकार है।
विधायक रहते मिलेगी पेंशन
जगदीप धनखड़ 1993 में अजमेर जिले की किशनगढ़ सीट से विधायक चुने गए थे। इसी कार्यकाल के आधार पर अब उन्होंने पेंशन के लिए आवेदन किया है। विधानसभा सूत्रों ने पुष्टि की है कि उनका आवेदन प्राप्त हो चुका है और उस पर प्रक्रिया जारी है।
दोहरी-तिहरी पेंशन का नियम
राजस्थान में नेताओं के लिए विशेष पेंशन व्यवस्था लागू है। यदि कोई व्यक्ति विधायक और सांसद दोनों रह चुका है, तो उसे दोनों पदों से पेंशन प्राप्त करने का अधिकार है। यही वजह है कि कई नेता एक साथ अलग-अलग पेंशन का लाभ उठाते हैं।
स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा
धनखड़ ने 21 जुलाई को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया था कि स्वास्थ्य कारणों से वे आगे कार्य नहीं कर पाएंगे। इस कदम से देशभर में राजनीतिक हलचल मच गई थी क्योंकि उनका कार्यकाल अभी बाकी था।
विपक्ष के सवाल और आरोप
धनखड़ की चुप्पी और अचानक इस्तीफे को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। लोकसभा में विपक्षी नेताओं ने पूछा कि जो शख्स राज्यसभा में बुलंद आवाज में सुने जाते थे, वे अचानक गायब क्यों हो गए? वहीं कपिल सिब्बल जैसे नेताओं ने तंज कसते हुए उन्हें ‘लापता वाइस प्रेसिडेंट’ तक कह डाला।