मेरठ के विक्टोरिया पार्क में चल रही रामकथा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने हिंदुत्व जागरण की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक संस्कृति में हर समस्या का समाधान छुपा है। मनुस्मृति का अपमान करने वालों पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने समाज में बढ़ते जातिवाद और नैतिक पतन पर चिंता व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति, वेद, पुराण और संस्कृत की शिक्षा दें।
हिंदुत्व का जागरण अनिवार्य
रामकथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदुत्व को जागृत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय वैदिक संस्कृति की गहराई में अध्ययन करने से व्यक्ति के सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म की उदारता और समानता का कोई विकल्प नहीं। साथ ही, उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को ‘मिनी पाकिस्तान’ बताया और चेतावनी दी कि हिंदुओं को सजग होकर अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आना पड़ेगा।
मनुस्मृति का महत्व और जातिवाद पर प्रतिक्रिया
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मनुस्मृति के अपमान पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि संस्कृत न जानने के कारण मनुस्मृति का गलत अर्थ निकाल कर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मनुस्मृति में जातियां निर्धारित की गई थीं, लेकिन वर्तमान राजनीति ने इसे सत्ता प्राप्ति का जरिया बना दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुस्मृति का अपमान करने वालों की हरकतें निराधार हैं और वे इसे फिर से लिखवाएंगे।
संस्कारों का महत्व, महिलाओं और बच्चों के लिए संदेश
रामभद्राचार्य ने माता-पिता से आह्वान किया कि वे अपनी संतान को रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, शिवाजी जैसे महान व्यक्तित्वों के गुण सिखाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवारों में कम से कम तीन संतानें होनी चाहिए। महिलाओं के सम्मान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है, जबकि अन्य धर्मों में उन्हें 'बेबी' और 'बीवी' कहा जाता है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की नीतियों की सराहना
रामभद्राचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के चलते राज्य में सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई है और यदि ऐसा न होता तो पश्चिमी यूपी की स्थिति और खराब होती।