Jaguar Fighter jets: भारतीय वायुसेना अपने जगुआर लड़ाकू विमानों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। रक्षा मंत्रालय ने 74 जगुआर विमानों को अपग्रेड करने के लिए घरेलू रक्षा कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य इन विमानों की लड़ाकू क्षमता को आधुनिक तकनीक के साथ मजबूत करना है, ताकि वे आने वाले वर्षों तक प्रभावी रूप से सेवा दे सकें।
नई मिसाइल और तकनीक
अपग्रेड के तहत पुराने मिसाइल सिस्टम को हटाकर नई पीढ़ी की क्लोज कॉम्बैट मिसाइल लगाई जाएगी। यह आधुनिक शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल होगी, जो हवाई मुकाबले में तेज प्रतिक्रिया और बेहतर सटीकता प्रदान करेगी। इसके साथ ही विमान में हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे पायलट को उड़ान और लक्ष्य से जुड़ी जानकारी सीधे हेलमेट के वाइजर पर दिखाई देगी।
74 विमानों में बदलाव
इस परियोजना में कुल 74 जगुआर विमानों को अपग्रेड किया जाएगा, जिनमें अलग-अलग संस्करण शामिल हैं। अपग्रेड का काम भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख एयरबेस पर किया जाएगा। वहीं तकनीकी परीक्षण बेंगलुरु स्थित विमानन संस्थानों में किए जाने की योजना है, ताकि सभी बदलावों की पूरी तरह जांच हो सके।
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आत्मनिर्भरता पर जोर
सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत इस परियोजना में केवल भारतीय रक्षा कंपनियों को ही भाग लेने की अनुमति दी गई है। कंपनियों के पास सैन्य विमानों में बदलाव करने का अनुभव और जरूरी तकनीकी प्रमाणन होना आवश्यक होगा। चयनित कंपनी को तीन वर्षों के भीतर सभी विमानों का अपग्रेड पूरा करना होगा।
सेवा जारी रखने की योजना
जगुआर लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में कई दशकों से अहम भूमिका निभा रहा है। यह खास तौर पर कम ऊंचाई से सटीक हमला करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। नए अपग्रेड के बाद इन विमानों की क्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी और इन्हें आने वाले वर्षों तक सेवा में बनाए रखने में मदद मिलेगी।