पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। फाल्टा विधानसभा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान ने अपना नाम वापस ले लिया, जिससे पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
21 मई को होनी है वोटिंग
फाल्टा सीट पर चुनाव में कथित धांधली के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराने का फैसला किया था। यहां 21 मई को मतदान होना है। ऐसे में वोटिंग से ठीक पहले उम्मीदवार के हटने से चुनावी माहौल अचानक बदल गया है।
‘पुष्पा’ डायलॉग से हुए थे वायरल
जहांगीर खान चुनाव प्रचार के दौरान फिल्म Pushpa: The Rise का मशहूर डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ बोलकर काफी चर्चा में आए थे। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यही वजह है कि अचानक चुनावी मैदान छोड़ने के फैसले ने लोगों को चौंका दिया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा
जहांगीर खान के पीछे हटने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो नेता कुछ दिन पहले तक आक्रामक प्रचार कर रहा था, उसने मतदान से पहले अचानक कदम पीछे क्यों खींच लिए।
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कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचे थे जहांगीर
जहांगीर खान ने हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ लगातार नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं और बंगाल पुलिस की ओर से दमनकारी कार्रवाई की आशंका है। उनके वकील ने कोर्ट में कहा था कि बार-बार FIR दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी के बयान से बढ़ी थी सियासत
यह याचिका शुभेंदु अधिकारी के एक बयान के बाद सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने कहा था, “पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है।” इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई थी।
ममता सरकार के लिए बढ़ी मुश्किल
जहांगीर खान के चुनाव मैदान छोड़ने को ममता बनर्जी और TMC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब फाल्टा सीट पर उपचुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।