जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में पटाखों के एक गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। मंगलवार सुबह हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा गोदाम उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। प्रशासन और दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मृतकों की पहचान से बढ़ा दर्द
हादसे में जान गंवाने वालों में अब्दुल वाहिद, राबिल, बिलाल खान, समीर और आजीम खान उर्फ आविद के नाम सामने आए हैं। दो अन्य मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। वहीं नासिर नाम का युवक गंभीर रूप से झुलस गया और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार वह करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुका है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम का माहौल है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
अवैध गोदाम को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि रिहायशी इलाके में पटाखों का गोदाम आखिर चल कैसे रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से गतिविधियां चल रही थीं। पुलिस अधिकारियों ने भी शुरुआती जांच में माना है कि जहां आग लगी वह पटाखों का गोदाम था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोदाम के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
विधायक ने प्रशासन पर उठाए सवाल
घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि रिहायशी क्षेत्र में इतना बड़ा गोदाम संचालित हो रहा था तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी। विधायक ने यह भी कहा कि हादसे के बाद जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके बयान के बाद प्रशासन की भूमिका को लेकर बहस और तेज हो गई है।
जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि पूरी जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान मालिक ने भवन किराए पर दिया था और वहां पटाखों से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं। पुलिस अब मकान मालिक, किरायेदार और संचालन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जवाब का इंतजार कर रहा शहर
इस दर्दनाक हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सात लोगों की मौत के बाद अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। स्थानीय लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन जांच का भरोसा दे रहा है, लेकिन पीड़ित परिवारों और शहर के लोगों को जवाब का इंतजार है।