जयपुर के चर्चित हत्याकांड की मुख्य आरोपी प्रिया सेठ एक बार फिर सुर्खियों में है। उम्रकैद की सजा काट रही प्रिया को जेल में नया प्यार मिला और अब वह शादी करने जा रही है। पढ़ाई में तेज रहने वाली यह युवती कभी प्रोफेसर बनना चाहती थी, लेकिन महंगे शौक और गलत संगत ने उसकी जिंदगी को अपराध की राह पर मोड़ दिया।
पाली से जयपुर तक का सफर
प्रिया सेठ मूल रूप से पाली जिले के फालना क्षेत्र की रहने वाली है। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी प्रिया बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही। दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक हासिल करने के बाद उसने उच्च शिक्षा के लिए जयपुर जाने का फैसला किया। परिवार की सहमति से वह 2011 में शहर आई थी और उसका सपना कॉलेज में पढ़ाने का था।
महंगे शौक और गलत रास्ते की शुरुआत
शुरुआत में वह रिश्तेदारों के घर रुकी, लेकिन बाद में पेइंग गेस्ट बनकर रहने लगी। यहां स्वतंत्र माहौल मिलने पर उसकी जीवनशैली बदलने लगी। लग्जरी जीवन, महंगे कपड़े और घूमने-फिरने की चाहत बढ़ती गई। परिवार से मिलने वाले पैसे उसके खर्च पूरे नहीं कर पा रहे थे, और यहीं से उसने गलत रास्ता चुन लिया।
पहली गिरफ्तारी और बढ़ता अपराध
साल 2014 में वह पहली बार जयपुर के एक इलाके में पकड़ी गई थी, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। उसी साल एटीएम से जुड़ी चोरी के मामले में भी उसका नाम सामने आया। इन घटनाओं के बाद उसने अपराध की दुनिया से दूरी बनाने के बजाय और गहराई से कदम रख दिए, जिससे उसकी गतिविधियां लगातार चर्चा में आने लगीं।
अमीर युवकों को फंसाने का तरीका
आरोप है कि प्रिया ने बाद में अमीर युवकों को अपने जाल में फंसाने की रणनीति अपनाई। उसने इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी तैयार किया और कई लोगों से मोटी रकम वसूली। एक युवक से लाखों रुपये ऐंठने के मामले में वह पुलिस हिरासत में भी रही। इस दौरान वह महंगे फ्लैट में रहती थी और हर महीने बड़ी रकम खुद पर खर्च करती थी।
लिव-इन रिश्ता और हत्या तक पहुंची कहानी
जयपुर में रहते हुए उसकी पहचान श्रीगंगानगर के रहने वाले दीक्षांत कामरा से हुई और दोनों लिव-इन में रहने लगे। बताया जाता है कि आर्थिक दबाव और कर्ज से जुड़ी परिस्थितियों के बीच मामला हिंसक मोड़ ले बैठा और एक युवक की हत्या के केस में प्रिया मुख्य आरोपी बन गई। अब उम्रकैद की सजा काट रही प्रिया को पैरोल मिलने के बाद जेल में मिले प्रेमी के साथ शादी की तैयारी है, जिसने एक बार फिर इस पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।