राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में रविवार देर रात हुआ आग हादसा पूरे राज्य के लिए दर्दनाक सबक बन गया। आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में आठ मरीजों की मौत हो गई। हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन पर भारी लापरवाही के आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत अपना दिल्ली दौरा रद्द कर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है, जो घटना की पूरी जिम्मेदारी तय करेगी।
1. 20 मिनट पहले दिखा था धुआं, किसी ने नहीं दी ध्यान
हादसे से पहले आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को धुआं उठने की जानकारी दी थी, लेकिन उसे हल्के में लिया गया। यही चूक बाद में बड़ी त्रासदी का कारण बनी।
2. मदद करने की बजाय स्टाफ भाग निकला
परिजनों के मुताबिक, जैसे ही आग भड़की और धुआं फैलने लगा, वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ मरीजों को छोड़कर बाहर निकल गया। किसी ने मरीजों को बचाने की कोशिश तक नहीं की।
3. आईसीयू के बाहर स्ट्रेचर तक नहीं थे
हादसे के दौरान अफरातफरी का आलम था। आईसीयू के बाहर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तक नहीं मिले। मजबूर होकर परिजनों ने खुद ही दरवाजे तोड़कर मरीजों को उठाकर बाहर निकाला। बाहर लाने के बाद भी इलाज के लिए कोई मेडिकल टीम नहीं आई।
4. अस्पताल में फायर सेफ्टी के इंतजाम नदारद
घटना के बाद सामने आया कि अस्पताल में आग बुझाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। फायर अलार्म और एक्सटिंग्विशर दोनों काम नहीं कर रहे थे। हादसे के समय कोई वरिष्ठ अधिकारी या डॉक्टर भी मौजूद नहीं था।
5. परिजनों का गुस्सा, ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरना
अपनों को खोने वाले परिजन सोमवार सुबह से ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठे हैं। वे अस्पताल प्रशासन पर हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाकर दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
6. सीएम बोले — “जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राज्यभर के अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं।
7. बनी तीन सदस्यीय जांच कमेटी
सरकार ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। यह टीम 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी।
8. अस्पताल प्रबंधन पर दर्ज हुआ केस
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच जारी है और जिम्मेदारों की पहचान की जा रही है।
9. मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
10. सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश
इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।