भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद से निपटने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसके साथ उन्होंने भारत के के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों को लेकर पाकिस्तानी आर्मी को जिम्मेदार ठहराया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा, जब आप आतंकवाद को देखते हैं तो आप ट्रेनिंग कैंप को देखते हैं।
भारत की लक्षित सैन्य कार्रवाई
यह पाकिस्तानी सेना से आती है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि आखिर में, पाकिस्तान की हालत को देखें और दोनों तरफ के अंतर और काबिलियत और प्रतिष्ठा को देखें। मुझे लगता है, हमें उनके बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। खुद को उनसे जोड़कर नहीं देखना चाहिए। पीओके में आतंकी कैंप के खिलाफ भारत की लक्षित सैन्य कार्रवाई को लेकर उन्होंने बताया कि भारत एक ऐसे विशिष्ट ढांचे के तहत काम करता है, जिसमें स्पष्ट मानदंड और जिम्मेदारी मुख्य आधार होते हैं।
ऑपरेशन अलग तरीके से किया जा सकता था
जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑपरेशन अलग तरीके से किया जा सकता था, तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जहां तक भारत की बात है, कुछ चीजें हैं जो हम करते हैं, और कुछ चीजें हैं जो हम नहीं करते हैं। हमारे पास नियम हैं, हमारे पास मानक हैं। अगर हम कोई कदम उठाते हैं, तो हम इस देश में, लोगों के प्रति, मीडिया के प्रति, सिविल सोसाइटी के प्रति जिम्मेदार हैं। मुझे लगता है कि उनसे अपनी तुलना करना गलत होगा, और कई मायनों में, हम अपने साथ अन्याय करेंगे।
भारत से हसीना के प्रत्यार्पण की अपील की
हाल ही में बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को मौत की सजा को मौत की सजा सुनाई गई है। इसके बाद यूनुस सरकार ने भारत से हसीना के प्रत्यार्पण की अपील की है। एस जयशंकर ने कहा कि भारत में रहने का उनका फैसला उन हालातों से तय हुआ जिनमें वह आई थीं। आपको बता दें कि बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद बीते साल अगस्त में हसीना भारत आई थीं। इस दौरान बांग्लादेश में हुई हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए थे और हजारों घायल हुए थे।