Jammu and Kashmir: ब्रिटेन के वरिष्ठ सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर भारत के पक्ष में स्पष्ट और मजबूत रुख दोहराया है। जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग होना चाहिए। ब्लैकमैन ने कहा कि उनका यह रुख नया नहीं है, बल्कि वह पिछले तीन दशकों से इसी विचार का समर्थन करते आ रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने की उनकी मांग किसी हालिया राजनीतिक फैसले से प्रेरित नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही उनकी सोच का हिस्सा है।
अनुच्छेद 370 पर दशकों पुराना रुख
बॉब ब्लैकमैन ने बताया कि उन्होंने पहली बार 1990 के दशक की शुरुआत में अनुच्छेद 370 को हटाने की बात कही थी। उस दौर में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के बड़े पैमाने पर पलायन ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि किसी समुदाय को केवल उसकी पहचान के कारण अपने घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर किया जाना गंभीर अन्याय था। उसी समय से उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाना शुरू किया और ब्रिटेन में भी विस्थापित लोगों की पीड़ा को सामने लाने का प्रयास किया।
आतंकवाद और PoK पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल
ब्रिटिश सांसद ने आतंकवाद की लगातार निंदा करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान का कब्जा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत के प्रशासन के तहत होना चाहिए। ब्लैकमैन ने हाल के आतंकी हमलों की भी आलोचना की और ब्रिटेन सरकार से अपील की कि वह आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ी हो। उन्होंने पाकिस्तान को एक अस्थिर देश बताते हुए कहा कि वहां लोकतांत्रिक संस्थानों और सैन्य नेतृत्व के बीच संतुलन को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं। उनके अनुसार, क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भारत के साथ एकजुट होना जरूरी है।