
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस प्राकृतिक आपदा के कारण उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में रेल यातायात पर भी गंभीर असर पड़ा है. कठुआ-माधबपुर स्टेशनों के बीच पुल संख्या 17 के क्षतिग्रस्त होने के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं या उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है. इस स्थिति के कारण आगरा में जम्मू-कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए 5000 से ज्यादा रिजर्वेशन रद्द हो चुके हैं. रेलवे ने यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है क्योंकि भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से रेलवे ट्रैक और पुलों को नुकसान पहुंचा है.
किन ट्रेनों को किया गया रद्द?
रेलवे ने जम्मू-कश्मीर से आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है. इनमें शामिल हैं:
1. श्री माता वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस (14612): यह ट्रेन 28 अगस्त को कटरा से नहीं चलेगी.
2. भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस (15097): यह ट्रेन भी 28 अगस्त को भागलपुर से रद्द रहेगी.
3. शहीद कैप्टन तुषार महाजन-छपरा विशेष गाड़ी (05194): 27 अगस्त को पठानकोट से चलने वाली यह ट्रेन रद्द की गई.
4. पुणे-जम्मूतवी झेलम एक्सप्रेस, कोटा-उधमपुर एक्सप्रेस और चेन्नई-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस: ये तीनों ट्रेनें भी बुधवार को रद्द कर दी गईं.
इनके अलावा कई अन्य ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द या शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. जैसे गुवाहाटी- जम्मूतवी एक्सप्रेस (15653) 27 अगस्त को रुड़की स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी और रुड़की से जम्मूतवी के बीच नहीं चलेगी. इसी तरह जम्मूतवी-गुवाहाटी एक्सप्रेस (15654) 29 अगस्त को जम्मूतवी के बजाय रुड़की से शुरू होगी.
शॉर्ट टर्मिनेट और बदले गए मार्ग
भारी बारिश के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही रोकने का फैसला लिया है. उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव के अनुसार कई ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं:
तिरुनेलवेली जंक्शन-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस: दिल्ली जंक्शन पर समाप्त.
पुणे-जम्मूतवी झेलम एक्सप्रेस: अंबाला जंक्शन पर समाप्त.
चेन्नई सेंट्रल-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस: हजरत निजामुद्दीन पर समाप्त.
दुर्ग-शहीद कैप्टन तुषार महाजन उधमपुर एक्सप्रेस: हजरत निजामुद्दीन पर समाप्त.
डॉ. आंबेडकर नगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस: नई दिल्ली पर समाप्त.
जामनगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस: नई दिल्ली से शुरू होगी.
इन बदलावों के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर और स्टेशनों पर सहायता डेस्क की व्यवस्था की है ताकि वो अपनी यात्रा की जानकारी प्राप्त कर सकें.
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प्राकृतिक आपदा का प्रभाव
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया है. तवी, चिनाब, और झेलम जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई सड़कें, पुल, और रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गए हैं. कठुआ जिले में रावी नदी पर बना माधबपुर बैराज भी बाढ़ की चपेट में है. भूस्खलन और मिट्टी के कटाव के कारण जम्मू- कटरा रेल मार्ग पर कई जगहों पर ट्रैक पर पानी भर गया है या मलबा जमा हो गया है. मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी है, जिसके चलते रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनों का संचालन रोक दिया है.
5000 से ज्यादा रिजर्वेशन रद्द
इस प्राकृतिक आपदा के कारण रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली ट्रेनें रद्द होने से तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. आगरा रेल मंडल में मंगलवार और बुधवार को जम्मू-कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए 5000 से ज्यादा रिजर्वेशन रद्द किए गए हैं. यात्रियों ने हादसे की आशंका और बदले हुए रेल संचालन के कारण अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला लिया. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वो यात्रा से पहले ट्रेनों का शेड्यूल जांच लें और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें.
हालांकि रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के अधिकारी और तकनीकी टीमें पठानकोट में मौजूद हैं, जो ट्रैक और पुलों की जांच कर रही हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति को "गंभीर" बताते हुए केंद्र सरकार से मदद मांगी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है.