Jan Suraaj Party: बिहार के बाद जन सुराज पार्टी अब दिल्ली में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की मौजूदगी में 27 सितंबर को दिल्ली में समर्थकों की बैठक प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में राजधानी के लिए संचालन समिति का ऐलान किया जा सकता है, जो आगे पार्टी का संगठन तैयार करने का काम करेगी। जन सुराज की नजर दिल्ली में होने वाले आगामी नगर निगम, लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर है।
दिल्ली में संगठन खड़ा करने की तैयारी
जन सुराज पार्टी दिल्ली में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए संगठनात्मक ढांचा तैयार करने में जुटी है। पार्टी से जुड़े लोगों के मुताबिक, राजधानी में फिलहाल औपचारिक संगठन नहीं है, लेकिन समर्थक लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। प्रस्तावित संचालन समिति को संगठन विस्तार और स्थानीय स्तर पर टीम तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
MCD से विधानसभा चुनाव तक नजर
जन सुराज से जुड़े नेताओं के मुताबिक, पार्टी दिल्ली में आने वाले प्रमुख चुनावों में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है। इनमें 2027 के दिल्ली नगर निगम चुनाव, 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 के विधानसभा चुनाव शामिल हैं। पार्टी के नेता शांतनु कुमार के अनुसार, संगठन को अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
कार्यालय के लिए जगह की तलाश
दिल्ली में संगठन के विस्तार के साथ पार्टी कार्यालय खोलने की तैयारी भी बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए कुछ जगहों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और किराये या लीज से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जानी बाकी हैं। पार्टी का जोर राजधानी में स्थायी संगठनात्मक ढांचा तैयार करने पर है।
बिहार के बाद दिल्ली पर फोकस
प्रशांत किशोर ने 2 अक्टूबर 2024 को जन सुराज पार्टी की स्थापना की थी। पार्टी ने 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था। अब दिल्ली में विस्तार उसके संगठनात्मक अभियान का अगला चरण बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, राजधानी में प्रदूषण, यमुना की सफाई और स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दों के तौर पर उठाया जा सकता है।
पूर्वांचली मतदाताओं तक पहुंच की कोशिश
दिल्ली में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाली बड़ी आबादी को देखते हुए जन सुराज के अभियान में पूर्वांचल क्षेत्र से जुड़े लोगों तक पहुंच भी एक पहलू हो सकता है। हालांकि पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि संगठन का दायरा केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली में मौजूदा राजनीतिक दलों के बीच जन सुराज अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करेगी। आने वाले दिनों में संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।