
जन्माष्टमी 2025: भक्ति और श्रद्धा का पर्व जन्माष्टमी पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और रात्रि में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है श्रीकृष्ण जन्म का शुभ मुहूर्त, क्योंकि इसी समय में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।इस साल जन्माष्टमी 2025 की तिथि और मुहूर्त को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि पूजन का शुभ समय काफी सीमित है। ऐसे में यदि आपने समय पर तैयारी नहीं की तो आप इस पावन घड़ी से वंचित रह सकते हैं।
जन्माष्टमी 2025 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 12 अगस्त 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि की शुरुआत 12 अगस्त को दोपहर 01:20 बजे होगी और इसका समापन 13 अगस्त को दोपहर 02:05 बजे होगा। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में माना जाता है, और उसी समय पूजा का विशेष महत्व होता है।इस बार निशीथ काल, यानी मध्यरात्रि पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा 12:03 AM से 12:45 AM तक। यानी पूजा के लिए कुल मिलाकर मात्र 42 मिनट का विशेष समय उपलब्ध होगा। यही वो समय है जब श्रीकृष्ण जन्म लेते हैं, और उनके अभिषेक, झूला झुलाने, और आरती जैसे अनुष्ठान करने चाहिए।
पूजन की तैयारी समय रहते कर लें
क्योंकि पूजा का समय कम है, इसलिए सभी श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे पहले से ही पूजन सामग्री, भोग, वस्त्र, झूला और बाल गोपाल की मूर्ति आदि की तैयारी कर लें। रात्रि 11 बजे तक संकीर्तन, कथा वाचन आदि कर लें, ताकि निशीथ काल में बिना किसी व्यवधान के श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा सके।
ध्यान रखें ये बातें
पूजा से पहले स्नान कर साफ वस्त्र पहनें।
व्रत रखने वाले पूरे दिन फलाहार करें और नियमों का पालन करें।
निशीथ काल में ही श्रीकृष्ण जन्म के मंत्रों का जाप और अभिषेक करें।