श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्ति, व्रत और पूजा-अर्चना के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सौ जन्मों के पाप मिट जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन स्वास्थ्य या निजी कारणों से कई लोग व्रत नहीं कर पाते। ऐसे में कुछ खास धार्मिक उपाय करके भी व्रत के बराबर पुण्य पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन से उपाय करने से आपको जन्माष्टमी व्रत का फल मिल सकता है।
जरूरतमंद को कराएं भोजन या दें दान
धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगर आप जन्माष्टमी व्रत नहीं कर पा रहे हैं, तो किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भरपेट भोजन कराएं। यदि यह संभव न हो, तो इतना धन दान करें जिससे वह दो समय का भोजन कर सके। यह दान व्रत के पुण्य के समान फल देता है।
गायत्री मंत्र का जाप
अगर भोजन कराना या धन दान करना संभव न हो, तो गायत्री मंत्र का 1000 बार जाप करें। मान्यता है कि यह जाप करने से भी व्रत का फल प्राप्त होता है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा मिलती है।
पूजन सामग्री का दान
जन्माष्टमी व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूजन और व्रत पारण में लगने वाली सामग्री का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे व्रत न करने पर भी पुण्य प्राप्त होता है।
कृष्ण भक्ति में लीन रहें
यदि व्रत संभव नहीं है, तो पूरे दिन श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करें, आधी रात को जन्मोत्सव के बाद ही भोजन ग्रहण करें और "हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे" मंत्र का अधिकाधिक जाप करें।